Arthgyani
होम > न्यूज > जीडीपी

अब DBS बैंक ने दी चेतावनी

भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 4.3 प्रतिशत रहेगी

भारत की आर्थिक वृद्धि दर (GDP) में आने वाले महीनों में आयेगी और गिरावट|खपत क्षेत्र की कमजोरी के चलते दूसरी छमाही के दौरान आर्थिक सुस्ती और गहरा सकती है|ये संभावना सिंगापुर के डीबीएस बैंक ने सोमवार को व्यक्त की|डीबीएस बैंक ने अपनी दैनिक आर्थिक रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2019 में जुलाई से सितंबर में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 4.3 प्रतिशत रह सकती है|

DBS बैंक का अनुमान:

भारतीय अर्थव्यवस्था पर पूरी दुनिया की निगाहें जमी हैं|आर्थिक मंदी और सुस्ती से बेजार अर्थव्यवस्था पर प्रायः प्रत्येक रेटिंग एजेंसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है|हाल में सिंगापुर के DBS बैंक ने चेतावनी दी है कि भारत में इस साल की दूसरी छमाही में आर्थ‍िक सुस्ती और गहरा सकती है| डीबीएस का अनुमान है कि तीसरी तिमाही में  जीडीपी की वृद्धि दर सिर्फ 4.3 फीसदी ही रह सकती है|बैंक ने अपनी डेली इकोनॉमिक रिपोर्ट में कहा है कि,निजी क्षेत्र की सुस्त गतिविधि के साथ ही अगली तिमाहियों में महत्वपूर्ण खपत क्षेत्र में भी कमजोरी और बढ़ सकती है|

भारतीय रिजर्व बैंक के सर्वे से लिया संदर्भ:

बैंक ने इस रिपोर्ट में भारतीय रिजर्व बैंक के सर्वे को आधार बनाया है|रिपोर्ट में उल्लेख है कि,RBI के सर्वे से पता चलता है कि रोजगार और आय की खराब दशाओं की वजह से कंज्यूमर सेंटीमेंट भी डाउन है|प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह में भी मांग घटी है, क्योंकि बैंकों द्वारा सख्ती बढ़ाने से कर्ज वितरण की रफ्तार भी सुस्त पड़ी है|हालांकि सरकार द्वारा राजकोषीय खर्च बढ़ने की उम्मीद की जा रही है,जो इस साल की पहली छमाही में आम चुनावों की वजह से सुस्त पड़ गई थी|नई परियोजनाओं की घोषणा की रफ्तार कई साल के निम्न स्तर पर पहुंच गई है|रिजर्व बैंक की सर्वेक्षण रिपोर्टों में आय और रोजगार की स्थिति को लेकर उपभोक्ता धारणा में गिरावट का रुख परिलक्षित होता है|

अन्य एजेंसियों ने भी ग्रोथ रेट घटने की बात कही:

भारत विश्व की बड़ी अर्थव्यस्थाओं में शामिल है|हालिया आर्थिक मंदी में से बेहाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लगभग सभी रेटिंग एजेंसियों ने ऐसे ही विचार व्यक्त किये हैं|रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी इसी महीने में चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर यानी जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 5.8 फीसदी से घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया है| इससे पहले मूडीज ने भारत की इकोनॉमी के आउटलुक को स्‍टेबल से घटाकर निगेटिव कर दिया था|रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में भारत की वृद्धि दर घटकर 4.7 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है|SBI की एक रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई कि जुलाई से सितंबर की तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में बढ़त की दर 5 फीसदी से भी नीचे आ सकती है|जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा था कि इस वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 6.1 फीसदी हो सकती है |गौरतलब है कि खपत में कमी, कमजोर निवेश और कई सेक्टर के खराब प्रदर्शन की वजह से जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार और सुस्त पड़ी है|