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आभूषणों पर हॉलमार्किंग है अनिवार्य, 1 जनवरी से लागू होंगे नियम

नए नियम में सोने-चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग होना अनिवार्य

भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है| देश में प्रतिवर्ष 700 से 800 टन के बीच सोने का आयात होता है| भारत में लगभग 800 हॉलमार्किंग केंद्र हैं लेकिन अभी तक केवल 40 प्रतिशत आभूषणों की ‘हॉलमार्किग’ की जाती है| हॉलमार्किग सोने की शुद्धता की पहचान है|हमेंशा ज्लेवलरी की खरीदारी के पहले इसकी परख जरुर करें| यदि आप इन दिनों के दरमियान सोने-चांदी की ज्वेलरी को खरीदने का प्लान कर रहें हैं उससे पहले इस महत्वपूर्ण जानकारी को पूरी तरह से समझ लें|

1जनवरी से हॉलमार्किंग है अनिवार्य

कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय (CAM) ने बताया कि आभूषणों पर 1 जनवरी से नए नियम लागू हो जायेंगें| नए नियम में सोने-चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग होना अनिवार्य है| सरकार का यह फैसला ग्राहकों के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा| मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के इलाकों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने के लिए 1 साल का वक्त दिया है| हालांकि मौजूदा समय में केवल 40 प्रतिशत आभूषणों की ‘हॉलमार्किग’ की जाती है|

आभूषणों की खरीदी करते समय इन ज्वेलरी की शुद्धता का प्रमाण जरुर लें| प्रमाण होने से आप भविष्य में कभी भी ज्वेलरी चोरी होने या ख़राब होने जैसी किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कर सकते हैं|ग्राहकों को खरीदी के दौरान हॉलमार्किग की जानकारी रखना अनिवार्य है| किसी भी तरह के फ्रोड से बचने का यह सरल तरीका है|

आभूषणों पर हॉलमार्किंग पांच ग्रेड

सोने के आभूषण के लिये उसे हॉलमार्किंग के पांच ग्रेड -14 कैरेट, 16 कैरट, 18 कैरेट, 20 कैरट और 22 कैरेट तय किए गए हैं| फ़िलहाल देश में 700 से जायदा असेसिंग सेंटर हैं लेकिन और भी असेसिंग सेंटर की जरूरत है| हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को सूचित करने के बाद किसी भी अनिवार्य विनियमन को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर सकता है|

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) लाएगा जागरूपता

हॉलमार्किंग अनिवार्यता को लेकर BIS ग्राहकों में जागरूपता लाने का कार्य करेगी| जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो मैंडेटरी हॉलमार्किंग ज्वेलरी का प्रचार शुरू करेगी| ग्रामीण ज्‍वैलर्स पर सरकार कोई कार्यवाही नहीं करेगी| ग्रामीण क्षेत्रों के ज्‍वैलर्स व्यापारियों को 1 साल तक का वक़्त दिया जायेगा| इस दौरान सरकार ग्रामीण ज्वेलर्स पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी| सोने की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग पूरी तरह से अनिवार्य होनी चाहिए|

हॉलमार्किंग 

हॉलमार्किंग से ज्वेलरी में सोने की शुद्धता का पता चलता है| कितने अनुपात में मेटल हैं और अन्य चीजों का सटीक रूप से निर्धारित रिकॉर्ड दर्ज होता है|ज्‍वैलर्स को हॉलमार्किंग के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है|अब नए नि‍यमों के तहत आभूषणों में हॉलमार्किंग होना अनि‍वार्य होगा|