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आयकर विभाग ने करदाताओं को दिए ख़ास हेल्पिंग प्लेटफ़ॉर्म

सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता अपनाते हुए सुधार की दिशा में आगे बढ़ना है।

केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में  करदाताओं को कर अदायगी करने में आने वाले तकनीकी मुश्किलों को देखते हुए उनकी सहूलियत हेतू कई कदम उठाए हैं। साथ ही इसका उद्देश्य पारदर्शिता अपनाते हुए सुधार की दिशा में आगे बढ़ना भी है।करदाताओं तथा कर अधिकारियों के बीच आमना-सामना लगभग खत्म करने तथा विभिन्न सुविधाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए सरकार कई उपाय कर रही है।

इसी के मद्देनज़र आयकर विभाग ने 5 उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। इनमें आयकर रिटर्न (ITR) की ई-फाइलिंग, टैक्स का ई-पेमेंट, टैक्सपेयर्स के बैंक खातों में टैक्स रिफंड सीधा डालने के लिए ईसीएस की सुविधा और टीडीएस रिटर्न के ई-फाइलिंग शामिल हैं।

ई-असेसमेंट स्कीम

आयकर विभाग ने नेशनल ई-असेसमेंट स्कीम’ शुरूआत की है।  इसे फेसलेस ई-असेसमेंट नाम दिया गया है।

ई-पैन सुविधा

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई पैन सुविधा लॉन्च की है, जिसके जरिए आधार डेटाबेस का इस्तेमाल कर पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) तुरंत ऑनलाइन पैन जारी कर दिया जाता है।

ई-फाइलिंग लाइट

टैक्सपेयर की सुविधा के लिए बेहतरीन ई-फाइलिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने हेतू टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-फाइलिंग पोर्टल का एक लाइट संस्करण ‘ई-फाइलिंग लाइट‘ लॉन्च किया है।

डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर DIN

अब  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा भेजे गए हर इनकम टैक्स नोटिस पर आपको कंप्यूटर जेनेरेटेड डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर DIN मिलेगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के नए फैसले के तहत ये नम्बर करदाता को मिलने वाले सभी डॉक्यूमेंट पर अंकित होना ज़रूरी हो गया है। इस तकनीक को टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन में और अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता को लाने के उद्देश्य से लाया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक अब विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बिना DIN के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से जारी किए गए सभी कागजात और पत्राचार अवैध माने जाएंगे।  अगर आपको भेजा गया नोटिस/ऑर्डर सही है, तो वही डॉक्युमेंट वेबसाइट पर भी दिखाई पड़ेगा। वेबसाइट पर आपको मैसेज दिखेगा-‘यस, नोटिस इज वैलिड ऐंड इशू बाय इनकम टैक्स अथॉरिटी।’

पैन की जगह आधार का इस्तेमाल

1 सितंबर, 2019 से आयकर रिटर्न भरते वक्त पैन कार्ड की जगह पर आधार कार्ड का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जिनके पास पैन कार्ड नहीं है अब वे PAN की जगह पर आधार कार्ड नंबर भी डाल सकते हैं। टैक्सपेयर्स अब 100 से अधिक फॉर्म्स में पैन की जगह आधार नंबर डाल सकते हैं।