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आयकर विभाग: 2019 के 3 महत्वपूर्ण कदम

सरकार कर दाताओं को प्रोत्साहित कर रही है

सरकार कर संग्रह बढाने के लिए कर दाताओं को लगातार प्रोत्साहित कर रही है|जिसका उद्देश्य कर दाता की सहूलियत बढ़ाना एवं नये करदाताओं की पहचान करना है| करदाताओं की आसानी बढाने के के लिए इस वर्ष मोदी सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार के इन नये सुधारों से एक ओर तो पारदर्शिता बढ़ी है दूसरी ओर करदाताओं की सहूलियत भी बढ़ी है| इन सुधारों के बाद कर दाता को आयकर अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगाने से भी निजात मिली है|अब टैक्स पेयर, टैक्स से जुड़े कई काम ऑनलाइन भी कर सकते हैं। आज जानते हैं 2019 में करदाता की सहूलियत बढाने वाले तीन बड़े कदम|

ई-असेसमेंट की पहल:

कराधान की प्रक्रिया के अंतर्गत इसे सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है|ई असेसमेंट को लागू करने का उद्देश्य टैक्सेशन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है| इस कदम को उठाने के पीछे सरकार की मंशा करदाताओं तथा आयकर  अधिकारियों का सीधे आमना-सामना न होना सुनिश्चित करना भी है| केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आयकर विभाग ने बिना सीधे संपर्क वाली ई-असेसमेंट योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना से करदाताओं को कर अधिकारियों का आमना-सामना की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बता दें कि इससे पहले, आईटीआर की छानबीन ऑनलाइन तरीके से आयकर अधिकारियों द्वारा की जाती थी।नयी असेसमेंट योजना न केवल फेसलेस होगी, बल्कि प्रोसिडिंग पीरियड के दौरान करदाता को किसी भी असेसिंग अधिकारी से मिलने नहीं जाना पडे़गा।सबसे बड़ी बात है कि अब करदाताओं के आईटीआर की छानबीन स्कीम के तहत स्थापित एक कम्प्यूटराइज्ड रैंडमली सेलेक्टेड रिजनल यूनिट के जरिये की जाएगी।

सुविधाजनक ई-फाइलिंग प्लेटफॉर्म:

करदाताओं की सहूलियत के लिए ई फाईलिंग एक अत्यावश्यक विकल्प है| सरकार ने इसे और भी सुविधाजनक बनाया है|इस पूरी पहल का उद्देश्य टैक्स देनदारी के भुगतान को और आसान बनाना है|इसी उद्देश्य को लेकर  आयकर विभाग (टैक्स डिपार्टमेंट) ने ई-फाइलिंग पोर्टल का एक लाइट संस्करण ‘ई-फाइलिंग लाइट’ लॉन्च किया है।ये पोर्टल मेन पोर्टल पर टैक्स ट्रैफिक कम करना तथा करदाताओं के लिए रिटर्न की प्रक्रिया को और आसान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। बता दें कि विगत 31 अगस्त, 2019 को सिर्फ एक ही दिन में लगभग 50 लाख आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जो अपने आप में एक रेकॉर्ड है। हर सेकेंड कुल 196 आईटीआर दाखिल हुए और इस तरह एक मिनट में 7,447 तथा एक घंटे में कुल 3,87,571 आईटीआर दाखिल हुए। ई-फाइलिंग की प्रक्रिया के दौरान वेबसाइट ने पूरी क्षमता के साथ काम किया।ये सब संभव हुआ सरकार की पहल से जिसने आयकर का भुगतान आसान बनाने के लिए हर संभव कोशिश कि है|

ई-पैन एक सरल विकल्प:

हम सभी जानते हैं कि आज ट्रेडिंग,बैंकिंग से लेकर इंश्योरेंस तक पैन एक अत्यावश्यक दस्तावेज है|पैन कार्ड बनाने को और आसान करने के लिए सरकार ने ई पैन की सुविधा शुरू की है| आयकर विभाग कि इस पहल से पर्मानेंट अकाउंट नंबर(PAN) तुरंत ऑनलाइन इशू हो जाता है।इस पहल के अंतर्गत आधार डेटाबेस का इस्तेमाल कर पैन जारी कर दिया जाता है, ताकि आवेदकों को इंतजार नहीं करना पड़ता है। इस सुविधा से उन लोगों को भी मदद मिली है, जिनके पास PAN है , लेकिन किसी वजह से उन्हें ड्युप्लिकेट कॉपी चाहिए। यह काम भी मिनटों में हो जाता है। इलेक्टॉनिक पैन(ePAN) की सुविधा बिल्कुल मुफ्त है। पिछले कुछ दिनों में अब तक 62,000 से ज्यादा ई-पैन जारी किए जा चुके हैं।

उपरोक्त तीनों विकल्प आगामी वर्ष 2020 में करदाताओं के आयकर भुगतान को और भी आसान बना देंगे|