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अंतत: करों को और तार्किक होना ही है : निर्मला सीतारमण

आयकर स्लैब की दरों में कटौती के संकेत

सरकार कई उपायों पर काम कर रही है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में करों की संरचना पर फैसला जीएसटी परिषद को करना है।अंतत: करों को और तार्किक होना ही है। ये बातें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में में कहीं| वे अर्थव्यवस्था से संबंधित सवालों का जवाब दे रही थी|

जल्द ही होंगे बड़े ऐलान:

दूसरी तिमाही में विकास दर छह साल के निचले स्तर (4.5 फीसदी) पर पहुँचने के प्रश्न पर वित्त मंत्री ने कहा कि, सरकार अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसको लेकर के जल्द ही कुछ बड़े एलान किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि पर भी खर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे सरकार को उम्मीद है कि मांग बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अगस्त और सितंबर माह में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई एलान किए थे। जिसके बाद सरकारी बैंकों ने करीब पांच लाख करोड़ का लोन दो महीने में बांटा था।सरकार ऐसे ही कुछ प्रयास करने की योजना बना रही है|

आयकर स्लैब की दरों में कटौती के संकेत:

हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में बोलते हुए वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि आगामी बजट में केंद्र सरकार आयकर स्लैब की दरों में कटौती कर सकती है, ताकि लोगों के खर्च करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पैसा पास में आए। विदित हो कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर साढ़े छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि पहली तिमाही में विकास दर 5 फीसदी रही थी।GDP कि गिरावट को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। इस सन्दर्भ में पूछे गये प्रश्न पर सीतारमण ने कहा कि,हम एक प्रत्यक्ष तरीका अपना रहे हैं और बुनियादी संरचना पर खर्च करने का तरीका भी अपना रहे हैं, जो अंतत: मुख्य उद्योगों और श्रम आदि तक पहुंचता है।