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आरईआईटी के जरिये रियल एस्टेट डेवलपर्स जुटायेंगे 25 अरब डॉलर

रियल एस्टेट क्षेत्र में और अधिक फंडिंग के रास्ते खुलेंगे

भारत की पहली सूचीबद्ध आरईआईटी की सफलता से रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए बड़ी उम्मीद जगी है। एंबेसी ऑफिस पार्क की आरईआईटी को लॉन्च से प्रतिक्रिया मिली। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एनारॉक कैपिटल के सीईओ एवं एमडी शोभित अग्रवाल का कहना है कि वाणिज्यिक आरईआईटी अगले तीन साल में भारतीय रियल एस्टेट के लिए 25 अरब डॉलर से अधिक राशि जुटा सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शीर्ष सात शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद और पुणे में 55 करोड़ वर्ग फुट के करीब ग्रेड-ए ऑफिस की आपूर्ति की है। जिसमें शीर्ष सात शहरों में 15 करोड़ वर्ग फुट से अधिक किराये पर लेने वाली ग्रेड-ए की संपत्तियों की सूची शामिल है।

बता दें, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े डेवलपर्स आगामी तीन साल में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) के जरिए 25 अरब डॉलर (करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये) की राशि जुटा सकते हैं। इस साल की शुरुआत में वैश्विक निवेश कंपनी ब्लैकस्टोकिन और रियल्टी कंपनी एंबेसी समूह ने 4,750 करोड़ रुपये जुटाने के लिए भारत का पहला आरईआईटी पेश किया था। उनके संयुक्त उद्यम एंबेसी ऑफिस पार्क ने अपनी किराये वाली संपत्ति सूचीबद्ध कराई थी। इसका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा।

अग्रवाल का मानना है कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में और अधिक फंडिंग के रास्ते खुलेंगे। कई बड़े डेवलपर्स अपनी वाणिज्यिक संपत्ति को सूचीबद्ध कराने के लिए इच्छुक हैं। एनारॉक के अनुसार, प्रेस्टीज समूह बहुत जल्द अपने पहले वाणिज्यिक आरईआईटी को सूचीबद्ध करने की योजना बना रहा है। अवसर आने पर खुदरा आरईआईटी भी पेश कर सकता है।