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आर्थिक मंदी असर: जुलाई-सितम्बर तिमाही में मकानों की बिक्री घटी

जुलाई-सितंबर तिमाही में सात प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री 9.5 प्रतिशत गिरावट

आर्थिक मंदी का असर देश के कई शहरों में मकानों की बिक्री पर काफी गहरा असर हुआ है| रियल एस्टेट के मुताबिक़ जुलाई-सितंबर तिमाही में सात प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री 9.5 प्रतिशत गिरकर 52,855 जितनी रही। आर्थिक मंदी की वजह से लोग प्रोपर्टी में इन्वेस्ट करने से हिचकिचा रहे हैं| साल 2019 में यह चौथी बार सामने आया है कि प्रोपर्टी खरीदार मंदी से ज्यादा प्रभावित हैं| जिसमें वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में भी मकान बिक्री में गिरावट दर्ज हुई है। इससे पहले जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान प्रॉपटाइगर और ऐनारॉक ने मकानों की बिक्री में क्रमश: 25 प्रतिशत और 18 प्रतिशत जितनी गिरावट देखने को मिली।

प्रॉपइक्विटी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018 में इसी अवधि में 58,461 मकानों की बिक्री हुई थी। वहीं वर्ष 2019 में जुलाई – सितंबर में मकानों की बिक्री 9.5 प्रतिशत गिरकर 52,855 रही। प्रॉपइक्विटी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक समीर जसूजा ने बताया कि खरीदारों की मकान खरीदने में रूचि नहीं देखी गई| इस वजह से सितंबर तिमाही में मांग प्रभावित हुई है।

आंकड़ों के आधार पर, सात शहरों में मकान के बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है वहीं दो शहरों में मकानों की बिक्री में तेजी भी आई। चेन्नई में जुलाई-सितंबर 2019 के दौरान मकानों की बिक्री सबसे ज्यादा 25 प्रतिशत गिरकर 3,060 इकाई रही। एक साल पहले की इसी अवधि में 4,080 मकान बिक्री हुई थी।

  • मुंबई में मकान बिक्री 22 प्रतिशत गिरकर 6,491 से कम होकर 5,063 जितनी रही|
  • हैदराबाद में 16 प्रतिशत गिरकर 5,067 से 4,257 दर्ज हुई|
  •  कोलकाता में बिक्री 12 प्रतिशत घटकर 3,487 से 3,069 दाखिल हुई|
  •  नोएडा में बिक्री 11 प्रतिशत 1,112 इकाई से 990 इकाई रह गई।
  • इसी तरह बेंगलुरु और ठाणे में भी मकान बिक्री में गिरावट देखने को मिली।
  • गुरुग्राम में मकानों की बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 1,112  से 1,190 बिक्री हुई,  जबकि पुणे में बिक्री एक प्रतिशत  14,523 से चढ़कर 14,669 इकाई हो गई।