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इंपोर्टेड रिफाइंड पाम ऑइल पर IGST दर 12% करने का प्रस्ताव

अभी इंपोर्टेड क्रूड पाम ऑयल पर 5% IGST लगता है|

बता दें, एक जनवरी 2020 से पाम ऑइल पर शुल्क में होने वाली कटौती 2009 के एक व्यापार समझौते के तहत होगी। शुल्क में कटौती से क्रूड और रिफाइंड पाम ऑइल के बीच इंपोर्ट घटकर 7.5% तक हो जाएगा| जिससे क्रूड ऑयल के मुकाबले रिफाइंड ऑइल का आयात बढ़ेगा। ऐसे में घरेलू रिफाइनर्स का व्यापार प्रभावित होगा। कारोबार को सुरक्षित रखने के लिए IGST को बढ़ाने की मांग की जा रही है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर बी वी मेहता ने बताया, अगर घरेलू रिफाइनर्स को संरक्षण दिया जाता है तो इससे अधिक निवेश, कैपेसिटी डिवेलपमेंट के साथ और रोजगार पैदा किए जा सकेंगे।

गौरतलब, मंत्रालय से एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य मंत्रालय इंपोर्टेड रिफाइंड पाम ऑइल पर इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) दर बढ़ाकर 12% करने के लिए प्रस्ताव रखा है| मंत्रालय अगले साल जनवरी से कमोडिटी पर आयात शुल्क में होने वाली कटौती की भरपाई पर यह कदम उठाया गया है।

भारत सालाना 160 लाख टन एडिबल ऑइल का आयात करता है। मलयेशिया और इंडोनेशिया से पाम ऑइल का आयात शामिल है। इसमें से 50 पर्सेंट से अधिक आयात इन्हीं दोनों देशों से होता है। अभी इंपोर्टेड क्रूड पाम ऑयल पर 5% IGST लगता है| इंपोर्टेड क्रूड और रिफाइंड पाम ऑइल पर राशि में 15 पर्सेंट का अंतर हो।

क्रूड पाम ऑइल पर आयात शुल्क 40% से घटाकर 37.5 फीसदी रिफाइंड ऑइल पर 50% से घटाकर 47 फसदी  किया जा सकता है। IGST बढ़ाने से घरेलू रिफाइनर्स को संग्रह किया जा सकेगा|