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इनकम टैक्स घटाएगी सरकार, 3 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित

निवेश को आर्कषित करने के लिए सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स को घटा कर 1.45 लाख करोड़ रुपये की राहत दी है।

सरकार के कॉरपोरेट टैक्स घटाने के बाद अब पर्सनल इनकम टैक्स घटाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। ज्ञात हो कि सरकार ने निवेशकों को आर्कषित करने के उद्देश्य से कॉर्पोरेट टैक्स को घटा कर 1.45 लाख करोड़ रुपये की राहत दी है।

न्यूज़ एजेसियों से प्राप्त ख़बरों के अनुसार कॉरपोरेट टैक्स में कमी की तर्ज पर पर्सनल इनकम टैक्स में कमी करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को फायदा होगा जो इनकम टैक्स देते हैं। विदित हो कि पिछले बजट में इस मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी गई थी। वहीं ज्यादा आमदनी वाले लोगों पर सरचार्ज के रूप में टैक्स बढ़ा था।

वर्तमान आयकर दरें

वर्तमान में  2.5 लाख रुपये तक की सालाना आय को  टैक्स फ्री रखा गया है। 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर 5 प्रतिशत की दर से, 5-10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लिया जाता है।  रिबेट्स के जरिए भी सरकार न्यूनतम स्तर पर राहत देती रही है। 50 लाख रुपये से ज्यादा की सालाना आमदनी वालों को उनकी इनकम के आधार पर 10-37 प्रतिशत तक अडिशनल सरचार्ज देना होता है।

सरकार का नया निर्णय

सरकार कंजम्पशन बढ़ाने और इकनॉमिक ग्रोथ में जान डालने के इरादे से बजट से पहले इनकम टैक्स से जुड़े कई प्रस्तावों पर विचार कर रही है। इसके तहत बिना एग्जेम्पशंस के एक फ्लैट टैक्स रेट रखने, ज्यादा आमदनी वालों के लिए नए स्लैब्स बनाने और कॉरपोरेट टैक्स में कमी की तर्ज पर पर्सनल इनकम टैक्स में कमी करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि सभी विकल्पों के ऊपर विचार विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर निर्णय किए जाने से पहले फाइनैंस मिनिस्ट्री इन प्रस्तावों के नफा-नुकसान के बारे में अपनी राय रखेगी। बजट फरवरी में पेश किया जाएगा। कोई भी कदम उठाने से पहले यह देखना होगा कि उससे ओवरऑल इकॉनमी को कितना फायदा होगा और इस कदम की कॉस्ट क्या होगी।’

कमिटी की राय

नवभारत टाइम्स के अनुसार डायरेक्ट टैक्स का रिव्यू करने के लिए गठित कमिटी ने 10 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वालों के लिए 10 प्रतिशत पर्सनल इनकम टैक्स रेट रखने की सलाह दी थी। वहीँ उन्होंने 10 लाख से 20 लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये तक सालाना इनकम वालों पर 30 प्रतिशत और 2 करोड़ रुपये से ज्यादा आमदनी वालों पर 35 प्रतिशत के टैक्स रेट की सलाह दी थी। उसने मौजूदा इनकम टैक्स एग्जेम्पशन लिमिट मे किसी बदलाव की सलाह नहीं दी थी। उसने अपर लिमिट पर इनकम पर लगने वाला सरचार्ज हटाने की सिफारिश भी की थी।