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इस वर्ष घरेलू कच्चा इस्पात उत्पादन हुआ करीब 90 लाख टन

साल 2019 में देश के घरेलू कच्चा इस्पात उत्पादन हुआ सिर्फ 90 लाख टन

देश के कई राज्यों में अत्यधिक मानसून की वजह से कच्चे उद्योग उत्पादों के कई क्षेत्रों में कम वृद्धि के कारण घरेलू इस्पात खपत में काफी प्रभाव पड़ा है। पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर भी इस्पात खपत में कमी के झुकाव की वजह से स्टील  मुनाफे में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। साल 2019 में देश के घरेलू कच्चा इस्पात उत्पादन सिर्फ 90 लाख टन दर्ज हुआ है|

वर्ल्डस्टील रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक़, वित्त वर्ष 2018 के अक्टूबर माह में इस्पात उत्पादन में 3.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी|अर्थात् एक साल पहले भारत में कच्चे इस्पात का उत्पादन 94.08 था जो कि इस वर्ष के मुकाबले ज्यादा था|अत: भारत का इस्पात उत्पादन 3.4 प्रतिशत से घटकर 90.98 लाख टन रहा।

वैश्विक इस्पात उत्पादन में भी गिरावट

लेकिन इस वर्ष वैश्विक इस्पात उत्पादन में भी हल्की गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष 2019 के अक्टूबर माह में विश्व इस्पात उत्पादन 15 करोड़ 15 लाख टन जितना हुआ है|जबकी पिछले वर्ष 2018 की सामान अवधि में इस्पात उत्पादन 15.58 करोड़ टन के मुकाबले 2.8 प्रतिशत कम था। वहीं चीन में कच्चा इस्पात उत्पादन वर्ष 2019 के 8.15 करोड़ टन दर्ज हुआ|जो कि पिछले वर्ष की सामान अवधि  के मुकाबले 0.6 प्रतिशत कम है|

वर्ल्डस्टील रिपोर्ट के आंकड़े 

वर्ल्डस्टील रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक़, साल 2019 के अक्टूबर माह की अवधि में जापान का इस्पात उत्पादन 4.9 प्रतिशत से घटकर 81.57 लाख टन रहा। इसी दौरान अमेरिका में सामान अवधि में 74.07 लाख टन इस्पात का उत्पादन हुआ जो कि एक साल पहले इसी माह में हुये इस्पात उत्पादन के मुकाबले दो प्रतिशत नीचे कम रहा। रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय संघ में जर्मनी ने अक्टूबर माह में 33 लाख टन इस्पात उत्पादन हुआ, इटली में 22 लाख टन, फ्रांस स्पेन में 12 लाख टन इस्पात का उत्पादन दर्ज हुआ।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)

घरेलू इस्पात उत्पादन में कमी दर्ज होने के बावजूद कुछ दिनों पहले ही स्टील उत्पाद कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने बताया था कि वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के अंतराल में सर्वाधिक हॉट मेटल और क्रूड स्टील का उत्पादन किया है। और इस तरह आने वाली तिमाहियों में लागत नियंत्रण के क्षेत्र में हर तरह के प्रयास जारी रखेगी। सेल के अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही घरेलू और वैश्विक दोनों ही इस्पात उत्पादों से जुड़े अनके उद्योग प्रभावित हो रहे हैं|