Arthgyani
होम > न्यूज > ईटीएफ

ईटीएफ- बॉन्ड ईटीएफ है म्यूच्यूअल फण्ड से अलग

बॉन्ड ईटीएफ या ईटीएफ में निवेश के लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत होती है।

Bond ETF/ ETF – Exchanges Traded Fund भी म्यूच्यूअल फण्ड जैसे ही होते हैं। लेकिन ईटीएफ या बांड ईटीएफ को केवल स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है। बॉन्ड ईटीएफ या ईटीएफ में निवेश के लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत होती है। जबकि म्यूचुअल फंड निवेशकों के पास फंड ऑफ फंड के जरिये निवेश का विकल्प है ।
ETF – इस तरह के फण्ड शेयरों के एक सेट में निवेश करते हैं। ETF किसी एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। ETF को आप एक्सचेंज के कारोबारी घंटों के दौरान शेयर्स की तरह ही खरीद सकते हैं।
Bond ETF – ये बॉन्ड के एक बास्केट या सेट में निवेश करते हैं। ये बॉन्ड अलग-अलग इंडेक्स को फॉलो करते हैं जैसे बॉन्ड ईटीएफ गर्वनमेंट, कॉरपोरेट या पब्लिक सेक्टर यूनिट बॉन्ड इत्यादि।

Bond ETF/ ETF की खास बातें

  • इसके लिए डीमैट खाते की जरूरत होती है।
  • ETF किसी एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं।
  • Bond ETF अलग-अलग बॉन्ड इंडेक्स को फॉलो करते हैं
  • बॉन्ड ईटीएफ एक्टिवली मैनेज्ड डेट फंड के मुकाबले सस्ते होते हैं।
  • कुछ बॉन्ड फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान की तरह होते हैं जिसकी अवधि 3 -10 साल हो सकती है।

बॉन्ड ईटीएफ एक्टिवली मैनेज्ड डेट फंड के मुकाबले सस्ते होते हैं। बॉन्ड ईटीएफ शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म जैसे स्पेसिफिक मैच्योरिटी बकेट को ट्रैक करने की कोशिश करते हैं। कुछ बॉन्ड ईटीएफ में तय मैच्योरिटी की अवधि होती है जो तीन साल से 10 साल होते हैं। ऐसे बॉन्ड ईटीएफ को टारगेट मैच्योरिटी बॉन्ड ईटीएफ कहा जाता है। ये फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान की तरह होते हैं। इनमें कभी भी निवेश को भुना लेने का अतिरिक्त फायदा होता है।

बॉन्ड ईटीएफ पर किसी अन्य रेगुलर डेट म्यूचुअल फंडों की तरह टैक्स लगता है।  निवेश पर कैपिटल गेंस को 36 महीने से ज्यादा रखने पर इंडेक्सेशन बेनिफिट के बाद 20 फीसदी टैक्स लगता है। निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस को 36 महीने से कम रखा जाता है तो आपके इनकम स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।

ज्ञात हो कि देश के पहले कॉर्पोरेट बॉन्ड ETF को केंद्र की मंजूरी मिल गयी है।