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ई-कॉमर्स सेक्टर में निवेश करेंगे मुकेश अम्बानी

24 बिलियन डॉलर निवेश का प्लान

दुनिया के शीर्ष धनकुबेरों में शुमार किये जाने वाले मुकेश बनने जा रहे हैं भारत की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी के मालिक। अंबानी ने डिजिटल सर्विस होल्डिंग कंपनी को बनाने के लिए 24 बिलियन डॉलर (1.6 लाख करोड़ रुपए) के निवेश का प्लान पेश किया है।इस निवेश की मदद से वे भारत के इंटरनेट शॉपिंग में वर्चस्व स्थापित करने का प्रयास करेंगे|जियो के बाद उनकी ये दूसरी बड़ी पेशकश मानी जा रही है|रिलायंस का नया वेंचर ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट को चुनौती देगा |

वाइब्रेंट गुजरात समिट में अपने प्लान के बारे में बताते हुए अंबानी ने खुलासा किया कि वह ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म को सबसे पहले गुजरात में लॉन्च करेंगे।ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी के पास करीब 56 बिलियन डॉलर (3.85 हजार करोड़ रुपए) की संपत्ति है।जो सऊदी अरब की तेल कंपनी को रिलायंस ऑयल एंड केमिकल बिजनेस की 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के बाद बढ़कर 75 बिलियन डॉलर हो गई है।एफडीआई से सबसे बड़े निवेश को प्राप्त करने के बाद मुकेश अंबानी की अगले कुछ साल में ई-कॉमर्स सेक्टर में बड़े निवेश की  योजना है।

 देश की सबसे बड़ी पूंजी आधारित कम्पनी बनने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अब नये सेक्टर में प्रवेश की तैयारी में है| रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने डिजिटल बिजनेस को पूरी तरह से सब्सिडियरी बनाएगी।ग्राहकों को डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के साथ साथ रिलायंस जियो को कर्ज मुक्त करना भी कम्पनी की वरीयता सूची में है| जियो कंपनी के फाइनेंशियल ऑफिसर वी श्रीकांत के मुताबिक साल 2019 की 30 सितंबर को जियो पर करीब 84 हजार करोड़ का कर्ज था| जबकि इस साल की सितंबर तिमाही में जियो का प्रॉफिट 990 करोड़ रूपये था,तथा कुल राजस्व संग्रह 12,354 करोड़ रुपए था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने के लिए 1,08,000 करोड़ रुपए के  शुरुआती निवेश की घोषणा की है। यह निवेश ऑप्शनली कन्वर्टिबल प्रिफरेंस शेयर्स पर अधिकार के जरिए लाइबिलिटी ट्रांसफर को प्रभावी करके किया जाएगा। कंपनी का लाइबिलिटी ट्रांसफर Jio को कर्ज मुक्त कंपनी बनाने में मदद करेगी। इसके लिए 1 अप्रैल, 2020 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।