Arthgyani
होम > न्यूज > एचडीएफसी बैंक

एचडीएफसी बैंक की वायरल फोटो से ग्राहक हैरान

धनराशि में से सिर्फ एक लाख रुपये ही बैंक में सुरक्षित

पीएनबी के बाद लगातार कई बड़ी बेंकिंग अनियमितताओं से पूरा देश सकते में है|ऐसी हालत में  एचडीएफसी बैंक ने एक ग्राहक की पासबुक पर एक स्टैंप लगाकर सभी को हैरान कर दिया है|सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में बैंक ने हाल ही में अपने ग्राहकों की पासबुक में उनके खाते में मौजूद कुल धनराशि में से सिर्फ एक लाख रुपये ही बैंक में सुरक्षित हैं|

बता दें पासबुक में लगी स्टैंप में  एचडीएफसी बैंक कह रहा है, अगर बैंक किसी भी तरह की परेशानी में फंसता तो वह ग्राहकों को केवल एक लाख रुपये देने के लिए ही जवाबदेह होगा|एक लाख से अधिक की रकम देने के लिए वो जवाबदेह नहीं होगा|बैंक की स्टैंप लगी सोशल मीडिया पर वायरल फोटो से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है|बाद में बैंक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह यह स्टैंप 22 जून, 2017 के रिजर्व बैंक के सर्कुलर के तहत लगा रहा है| बैंक ने कहा कि रिजर्व बैंक ने सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल, स्माल फाइनेंस और पेमेंट बैंक्स को ऐसा करने का आदेश दिया है|

क्या है आरबीआई का सर्कुलर ?

एचडीएफसी बैंक ने  कहा है कि आरबीआई ने 22 जुलाई, 2017 को सर्कुलर जारी किया था, जिसका पालन किया जा रहा है। यह सर्कुलर नया नहीं है। बल्कि DICGIC के नियमों के तहत यह सभी बैंकों पर लागू है। DICGIC प्रत्येक जमाकर्ता को पैसा देने के लिए दिवालिया शोधक के जरिए बाध्यकारी है। ऐसे में ग्राहकों को केवल एक लाख रुपये दो महीने के अंदर में मिलेगा, जिस तारीख को उस ग्राहक ने क्लेम फाइल किया हो।

क्या है डीआईसीजीसी?

डीआईसीजीसी (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कार्पोरेशन) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सहयोगी संस्था है|जो  देश के सभी कमर्शियल बैंक और को-ऑपरेटिव बैंकों में जमा होने वाले पैसे का बीमा करती है|

अफवाहों से परेशान हैं ग्राहक:

पीएनबी महाघोटाले के बाद बैंक दिवालिया होने के कगार पर जा पहुंचा है।पीएमसी बैंक में घोटाले के बाद कैश निकासी की समस्या से दो ग्राहकों की मौत हो चुकी है|ऐसे में इस वायरल फोटो से ग्राहक परेशान हैं|भारत में बैंकों का नियंत्रण RBI के पास है|आरबीआई का नियम सभी बैंकों पर लागू होता है। इनमें विदेशी बैंक भी शामिल हैं, जिनको आरबीआई की तरफ से लाइसेंस मिला हुआ है।आरबीआई का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है|ग्राहकों के सभी हित ध्यान में रखे जायेंगे|वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी पीएमसी के सन्दर्भ में ये बातें दोहरा चुकी हैं|