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एटीएम धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम,बैंक करेगे ये काम

ग्राहकों की सावधानी और बैंकों की चेतावनी के बावजूद भी एटीएम से धोखाधड़ी की बढ़ रही घटनाएं देखकर बैंक उठाने जा रहे हैं कडे कदम्। बढ़ी एटीएम धोखाधड़ी पर पिछले दिनों अदालत ने भी बैंकों को फटकार लगाई थी।एटीएम धोखाधड़ी को रोकने के लिए दिल्ली स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) ने कुछ उपाय सुझाए हैं।कमेटी ने सुझाव दिया है कि दो एटीएम ट्रांजेक्शन के बीच में 6 से 12 घंटे का समय रखना चाहिए.

इस सुझाव को मान लेने के बाद आपके खाते से सुबह 10 बजे खाते से 20 हजार रुपये निकालने के बाद आप अगला ट्रांजेक्शन कम से कम 6 घंटे बाद यानी दोपहर दो बजे ही कर पाएंगे। कमेटी ने माना कि एटीएम से होने वाली अधिकतर धोखाधड़ी रात के समय होती हैं।जिसमे से अधिकतर मामले आधी रात के बाद से सुबह तड़के तक के सामने आए हैं। धोखाधड़ी को रोकने के लिए पिछले हफ्ते 18 बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक में चर्चा हुई।

मीटिंग में पेश किए गए डाटा से दिन पर दिन बढ़ते एटीएम फ्रॉड की घटनाओं के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है. साल 2018-19 में देशभर में कुल 980 एटीएम धोखाधड़ी के मामले रजिर्स्ड किए गए। इनमें ज्यादातर मामले एटीएम फ्रॉड और एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से जुड़े थे। इससे पहले साल 2017-18 में एटीएम धोखाधड़ी के कुल 911 मामले सामने आए थे।

विदित हो कि धोखाधड़ी से बचाने के लिए केनरा बैंक ने 10 हजार या इससे ज्यादा रकम एटीएम से निकालने के लिए ओटीपी जरूरी कर दिया है।बैठ्क में ओटीपी पर भी चर्चा हुई। गलत तरीके से पैसे निकालने की कोशिश पर खाताधारक को अलर्ट करने के लिए ओटीपी भेजा जाए।यह सिस्टम क्रेडिट या डेबिट कार्ड द्वारा किए जाने वाले ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की ही तरह होगा। बैंकर्स ने एटीएम के लिए सेंट्रलाइज्ड मॉनीटरिंग सिस्टम पर भी चर्चा की।  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के डिप्टी जनरल मैनेजर सुरेश नायर ने बताया कि स्टेट बैंक एटीएम ट्रांजेक्शन पर OTP  जरूरी करने वाला है जिससे एटीएम फ्राड रोकने में मदद मिलेगी।जल्द ही दूसरे बैंक भी इस मुहीम से जुड जायेंगे।