Arthgyani
होम > न्यूज > वित्त समाचार > एयर इंडिया

एयर इंडिया को हुई ईंधन की खपत, लिया टैक्सीबोट का सहारा

एयरबस विमान पर टैक्सीबोट के इस्तेमाल का पहला प्रयोग हुआ

एयर इंडिया पर 5000 करोड़ रूपये का कर्ज है, जिसमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तीन बड़ी सरकारी कंपनियों का भुगतान बकाया है| इस बकाया में इंडियन ऑयल के 2,700 करोड़ रुपये हैं, 450 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है।

बता दें, सरकारी कम्पनियों के अनुसार, एयर इंडिया को प्रति माह 100 करोड़ रुपये जितनी राशियों का भुगतान करना होगा लेकिन इसे पूरा नहीं कर पा रही है| इस परिस्थिति से निपटने का यदि कोई समाधान नहीं निकलता है तो शुक्रवार से छह प्रमुख हवाईअड्डों पर कंपनीयां ईंधन सप्लाई रोक दी जायेगी| पहले भी कम्पनियों द्वारा अगस्त के अंत में राशियों का भुगतान ना कर पाने की वजह से एयर इंडिया के छह एयरपोर्ट पर तेल सप्लाई रोक दी गई थी।

ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एयर इंडिया ने टैक्सीबोट का सहारा लिया है| एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्वनी लोहानी ने बताया कि टैक्सीबोट का इस्तेमाल विमान को पार्किंग-बे से रनवे तक ले जाने में किया जाता है। इसका प्रयोग इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 पर मुंबई जाने वाली एयरबस ए-320 को टैक्सीबोट के जरिए पार्किग-बे से रनवे तक लाया गया|

विदित हो कि, भारत में एयरबस विमान पर टैक्सीबोट के इस्तेमाल का यह पहला प्रयोग है। यह एक पायलट नियंत्रित सेमी-रोबोटिक एयरक्राफ्ट ट्रैक्टर है। इसके इस्तेमाल से विमान का इंजन को रनवे पर लाने तक 85% जितने ईंधन की बचत होगी। इससे पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने में मद्द मिलेगी|