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एयर इंडीगो पर गहराये मंदी के बादल

मंदी की मार ने देश के हर सेक्टर को झकझोर कर रख दिया है

मंदी की मार ने देश के हर सेक्टर को झकझोर कर रख दिया है। टेक्सटाइल सेक्‍टर, ऑटो सेक्टर, एफएमसीजी, के बाद एविएशन इंडस्‍ट्री भी आर्थिक मंदी की मार से बेहाल है। हालात काफी बिगडते दिखाई दे रहे हैं। देश की अधिकतर एयरलाइन कंपनियां कर्ज के बोझ में दबी हैं या फिर घाटे में चल रही हैं।

विगत वर्ष में देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी इंडिगो के मुनाफे में लगभग 150 प्रतिशत की गिरावट आई है| हालांकि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में इंडिगो को 1,203 करोड़ रुपये का इजाफा भी हुआ है| दरअसल, इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के स्वामित्व वाली इंडिगो की भारतीय बाजार में कुल 50 फीसदी हिस्सेदारी है। एयरलाइन विस्‍तारा की बात करें तो कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 में 800 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। इससे पहले के वित्त वर्ष में विस्‍तारा को 431 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यही संकट स्‍पाइसजेट के साथ भी है। इस तरह प्राइवेट एयरलाइंस एक के बाद एक करके घाटे में उतर रही हैं।

बता दे, एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,400 करोड़ रुपये का जबरदस्त घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2018-19 में एअर इंडिया की कुल आय 26,400 करोड़ रुपये रही| इस वजह से कंपनी को 4,600 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग लॉस हुआ है। जून की तिमाही में सिर्फ पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने की वजह से एअर इंडिया को 175 से 200 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग लॉस हुआ है। बता दें कि एअर इंडिया पर कुल 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है और इसे चुकाने के लिए एयरलाइंस को सालाना 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जिस तरह विजय माल्या की किंगफिशर ने साल 2012 में कामकाज बंद किया था। अब जेट एयरवेज भी घाटे की कगार में चल रही है। एक समय था जब जेट एयरवेज देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाती थी। जेट एयरलाइन एक दिन में 650 फ्लाइट्स तक का परिचालन करती थी। बता दे, जेट एयरवेज के विमानो ने 17 अप्रैल से उड़ान नहीं भरी है। जेट एयरवेज करीब 12 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है। जेट एयरलाइन की यह हालत बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने के कारण हुई। जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे चुके हैं। यही नहीं, वित्तीय अनियमितताओं की वजह से वे कानूनी शिकंजे में भी हैं| जेट एयरवेज के अधिकतर कर्मचारी बेरोजगारी  हो चुके हैं। फिलहाल, जेट एयरवेज कर्ज में चल रही है।