Arthgyani
होम > न्यूज > वित्त समाचार > एफडी की ब्याज दर

एसबीआई के इस फैसले से ४ करोड़ वरिष्ठ नागरिक होंगे प्रभावित

एफडी की दरों में 0.10 फीसदी से लेकर 0.30 फीसदी तक की कटौती

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों के बचत खाते में जमा रकम पर ब्याज की दरों में कटौती की है। बैंक ने बचत खाते में एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर ब्याज दर 3.50 फीसदी से घटाकर 3.25 फीसदी कर दी है।इसके साथ ही साथ बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक-दो साल की फिक्सड डिपोजिट की ब्याज दर को सात फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है|बचत खाते पर संशोधित ब्याज दरें एक नवंबर, 2019 से लागू हो जाएंगी।

बता दें कि एसबीआई ने एक साल से दो साल तक की मैच्योरिटी वाली रिटेल एफडी पर जमा दरों में 0.10 फीसदी की कटौती की है। इसके अलावा अन्य फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर भी जमा दरों में 0.10 फीसदी से लेकर 0.30 फीसदी तक की कटौती की गयी है।जो वर्तमान में  6.50 फीसदी से घटकर 6.40 फीसदी रह गई है।ये संशोधित दरें 10 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी। एसबीआई में दो करोड़ रुपये से कम की डिपॉजिट रिटेल एफडी मानी जाती है।

वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान एमसीएलआर में की गई यह छठी कटौती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर को 25 आधार अंक कम किए जाने के कुछ दिनों बाद ही यह फैसला आया है। इस दौरान एसबीआई के शेयर 5.85 रुपये बढ़कर (2.35 फीसदी) 254.95 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।बैंक ने ये निर्णय प्रणाली में पर्याप्त नकदी को देखते हुए लिया है|

अधिकांश वरिष्ठ नागरिक आमतौर पर अपनी जमा पूंजी से मिलने वाले ब्याज पर निर्भर होते हैं|ऐसे में ब्याज दर में कटौती से उनका जीवन सीधे तौर पर प्रभावित होगा|जिसके परिणामस्वरुप उन्हें विवश होकर अधिक जोखिम वाले निवेश में अपनी जमा पूंजी लगानी होगी|एसबीआई की ओर से हाल में ब्याज दर में की गई कटौती के बाद 50 लाख की एफडी पर हर साल करीब 5,000 रुपये कम ब्याज मिलेगा| एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार,बैंक में कुल  4.1 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों की एफडी के रूप 14 लाख करोड़ रुपये जमा हैं|