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फ्लिपकार्ट को वित्त वर्ष की तुलना में 17,231 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज

कंपनी को पिछले वर्ष की तुलना में 63 प्रतिशत जितना घटा हुआ है

कई ई- कॉमर्स कम्पनियों के रेवेन्यू में वित्त वर्ष की तुलना में इस वर्ष काफी कमी दर्ज हुई है|जिसमें ऑनलाइन शोपिंग की सबसे बड़ी कंपनी फ्लिप्कार्ट को काफी घाटा हुआ है| ई- कॉमर्स कंपनी फ्लिप्कार्ट को वित्त वर्ष 2018-19 में 17,231 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज हुआ| कंपनी से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ कंपनी को वित्तीय और मार्केटप्लेस का रेवेन्यू ग्रोथ बीते वर्ष के मुताबिक़ कम दर्ज हुआ है| कंपनी को पिछले वर्ष की तुलना में 63 प्रतिशत जितना घटा हुआ है|

बता दें, वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 43,615 करोड़ रुपये तक पहुंच गया| कंपनी का यह भी कहना है कि इसमें कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ, डेप्रिसिएशन, विदेशी मुद्रा और अन्य खर्च भी शामिल हैं| हालांकि, पिछले वर्ष फ्लिपकार्ट का कुल रेवेन्यू 50 फीसदी बढ़कर 30.644 करोड़ रुपये था|

कंपनी ने जानकारी दी है कि इसके बोर्ड में सिंगापुर मौद्रिक प्राधिकरण के निदेशक और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य चैंबर के अध्यक्ष ची खिओंग माह के साथ ब्लैकरॉक एसेट मैनेजर के पूर्व अधिकारी रोहित भगत भी कंपनी बोर्ड में शामिल किए गए हैं| वित्तीय आंकड़े उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म पेपर डॉट वीसी के मुताबिक, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के राजस्व में 42 फीसदी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई| हालांकि 31 मार्च, 2019 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान सिंगापुर में पंजीकृत कंपनी का घाटा 63 फीसदी की कमी के साथ 17,231 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2018 में कंपनी को 46,895 करोड़ रुपये (6.6 अरब डॉलर) का घाटा हुआ था।