Arthgyani
होम > न्यूज > Delhi Development Authority

‘कन्वर्जन चार्ज’ हुआ समाप्त, 50 हजार से ज्यादा व्यापारियों को फायदा

केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा में ‘कन्वर्जन चार्ज’ समाप्त का बड़ा निर्णय लिया|

वर्ष 2006-07 में Delhi Development Authority  (DDA) ने नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके मुताबिक व्यापारियों को हर साल कन्वर्जन चार्ज का भुगतान करना अनिवार्य है। केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा में ‘कन्वर्जन चार्ज’ समाप्त का बड़ा निर्णय लिया है| हालहि में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ‘कन्वर्जन चार्ज’ समाप्त का ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री ने ट्विट कर बताया कि इससे करीब 50 हजार से ज्यादा व्यापारियों को फायदा मिलेगा| कन्वर्जन चार्ज समाप्त से व्यापारी बिना किसी डर के अपना रोजगार चला सकते हैं। मोदी सरकार ने दिल्ली विधानसभा से पहला बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत दिल्ली के 100 बाजारों में स्थित दुकानों के लिए ‘कन्वर्जन चार्ज’ को समाप्त कर दिया गया है।

image source: Twitter

‘कन्वर्जन चार्ज’ क्या होता है?

Delhi Development Authority  (DDA)  ने वर्ष 2007 में मास्टर प्लान-2021 में रिहाइशी इलाकों में खुली दुकानों को कारोबार चलाने के लिए कन्वर्जन चार्ज प्रस्तुत किया गया। जिसमें व्यापारियों को कन्वर्जन चार्ज देना होता है| डीडीए ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए कन्वर्जन चार्ज के रेट तय कर दिए है। साथ ही अब व्यापारियों को दस साल तक कन्वर्जन चार्ज देने की जरूरत नहीं थी। सभी व्यापारियों को वन टाइम कन्वर्जन चार्ज का भुगतान करना पड़ता था।

एमसीडी को ‘कन्वर्जन चार्ज’ में दिए करोड़ों

ध्यान दें, वर्ष 2012 तक इस मद में म्युनिसिपल कारपोरेशन ऑफ़ दिल्ही (एमसीडी) को करोड़ों रुपए जमा हुए थे। हालांकि बाद में एमसीडी के विभाजन के बाद एमसीडी ने सख्ती करना कम कर दिया और कारोबारी भी चार्ज देने से बचने लगे। ऐसे में कन्वर्जन चार्ज न देने वाले व्यापारियों को सीलिंग का सामना करना पड़ता था जब तक व्यापार चालू रहे तब तक चार्ज लगता था| अगर इसमें देरी होती थी तो व्यापारी से 10 परसेंट हर साल के हिसाब से पेनल्टी ली जाती थी। इसके अलावा, मिक्स लैंड यूज में व्यापारियों से वन टाइम पार्किंग डिवेलपमेंट चार्ज भी लिए जाते थे|

सरोजिनी नगर मार्केट, खान मार्केट, ग्रीन पार्क एक्सटेंशन जैसे बाजारों के लिए भी कन्वर्जन चार्ज 22,274 रुपये प्रति स्कवायर मीटर के हिसाब से तय कर दिया गया था। इसी तरह शॉप कम रेजिडेंस, प्लॉट, शॉप आदि के लिए एरिया कैटिगरी के हिसाब से रेट तय किए गए थे। अगर पहले से बने एरिया में एफएआर तय नियमों से ज्यादा है तो व्यापारी को 1.5 गुना पेनल्टी देनी पड़ती थी। व्यापारी को 4 किस्तों में अपनी पेमेंट का भुगतान करते थे|

केंद्र सरकार के इस निर्णय से दिल्ली के 50 हजार से ज्यादा व्यापारियों को काफी फायदा होगा| वहीं व्यापारी कन्वर्जन चार्ज भुगतान किए बिना व्यापार को चालू रख सकेंगे| इसके समाप्त होने सभी व्यापारियों बिजनेस में लाभ होगा|