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करदाता को इनकम टैक्स का नया या पुराना सिस्टम चुनने की छूट- CBDT

डिडक्शन और एग्जम्पशन को धीरे-धीरे ख़त्म करने की योजना।

करदाता के पास यह छूट हर साल रहेगा कि वे कम रेट और बिना एग्जम्पशंस वाली इनकम टैक्स की नई व्यवस्था और पुराने सिस्टम में से किसी एक का चयन कर सकें।

मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज CBDT  के चेयरमैन प्रमोद चन्द्र मोदी ने कहा कि टैक्सपेयर्स के पास यह मौका हर साल रहेगा कि वे दोनों में से किसी एक सिस्टम का चुनाव कर सकें। साधारण करदाता एक बार किसी स्कीम का चुनाव कर लेने के बाद अगले साल वापस दूसरे विकल्प को अपना सकते हैं । लेकिन व्यापार संबंधी करदाता को एक से दूसरी स्कीम में शिफ्ट होकर वापस आने का विकल्प उपलब्ध नही होगा।

मुख्य सन्दर्भ 

  • करदाता को इनकम टैक्स का नया या पुराना सिस्टम चुनने की छूट।
  • करदाता को नई स्कीम में जाने की कोई मजबूरी नहीं है।
  • एक बार किसी स्कीम का चुनाव करने के बाद अगले साल वापस दूसरे विकल्प को अपना सकते हैं।
  • व्यापार संबंधी करदाता को एक से दूसरी स्कीम में शिफ्ट होकर वापस आने का विकल्प नही होगा।
  • डिडक्शन और एग्जम्पशन को धीरे-धीरे ख़त्म करने की योजना।
  • CBDT विवाद से विश्वास स्कीम के जरिए टैक्स से जुड़े मुकदमे घटाने की दिशा में काम कर रहा है।

नवभारत टाइम्स से साझा की गयी ख़बरों के अनुसार श्री पी सी मोदी ने कहा कि यह ऑप्शनल स्कीम है। आपके सामने नई स्कीम में जाने की कोई मजबूरी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर आपको नई स्कीम बेहतर लगे तो आप उसमें जा सकते हैं। एक से दूसरी स्कीम में आने-जाने का विकल्प आपको सालाना आधार पर उपलब्ध है।अगर आप पुराने सिस्टम में अच्छा महसूस कर रहे हों तो वहीं बने रहें।’ विदित हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली फरवरी को पेश किए गए आम बजट में इनकम टैक्स के नए स्लैब्स का प्रस्ताव दिया था।

उन्होंने कहा टैक्स स्ट्रक्चर को और रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की भी हमारी योजना चल रही है.  डिडक्शन और एग्जम्पशन को धीरे-धीरे ख़त्म करके प्री -फिल्ड इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म मुहैया कराने की योजना है। टैक्स के दायरे में अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर का ज्यादा हिस्सा है जिससे टैक्स दर कम करने की गुंजाईश है लेकिन ‘अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर का इतना ही हिस्सा (संभावित करदाता) टैक्स फ्रेमवर्क के दायरे में होना चाहिए। बेस जितना बड़ा होगा, इनकम टैक्स रेट्स में कमी करने की उतनी ही गुंजाइश होगी।’ बजट के अनुसार, CBDT विवाद से विश्वास स्कीम के जरिए टैक्स से जुड़े मुकदमे घटाने की दिशा में काम कर रहा है।