Arthgyani
होम > न्यूज > कांट्रेक्ट नोट

कॉन्ट्रेक्ट नोट – हर सौदे के बाद है बेहद महत्वपूर्ण

कॉन्ट्रेक्ट नोट में ही होता है आपके हर सौदे का व्योरा, न करें लापरवाही

अगर आप शेयर बाजार में किसी भी तरह से निवेश करते हैं तो सौदे करते समय कॉन्ट्रेक्ट नोट का काफी महत्व है। आप जिस शेयर ब्रोकर के जरिये शेयरों की ख़रीद बिक्री करें, उससे हर बार कॉन्ट्रेक्ट नोट अवश्य लें। आपके शेयरों के सौदे किस समय तथा किस भाव पर हुए, उस पर कितनी दलाली, सिक्युरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स, सर्विस टैक्स लगा है इन सबका पूरा व्यौरा कॉन्ट्रेक्ट नोट में होता है। आपको ब्रोकर से सौदे के 24 घंटे के भीतर कॉन्ट्रेक्ट नोट मिल जाना चाहिए, परंतु सामान्य रूप से ब्रोकर इसमें 3-4 दिन लगा देते हैं। कॉन्ट्रेक्ट नोट पाना आपका अधिकार है और यही आपके सौदे का दस्तावेजी प्रमाणित प्रमाण भी है। यदि किसी कारण से आपका ब्रोकर विफल हो जाये और आपको अपने सौदे के शेयर या उसकी रकम जो उसके पास बकाया है, वो आप इस कॉन्ट्रेक्ट नोट के आधार पर ही मांग सकते हैं या अपना दावा पेश कर सकते हैं। ब्रोकर के विफल होने पर एक्सचेंज कॉन्ट्रेक्ट नोट नोट के आधार पर ही आपका दावा मान्य करता है, जिसमें आपको एक्सचेंज की तरफ से 10 लाख रूपये तक की सुरक्षा मिलती है। ऐसी स्थिति में कॉन्ट्रेक्ट नोट ही मात्र ऐसा दस्तावेज है जो आपके दावे का आधार बनता है। ऐसा न होने पर आपका दावा वैध नहीं माना जायेगा।

कुछ आवश्यक बातें

  • ब्रोकर से हर सौदे के बाद कॉन्ट्रेक्ट नोट अवश्य लें।
  • कॉन्ट्रेक्ट नोट हमेशा संभालकर अपने पास रखें।
  • कॉन्ट्रेक्ट नोट पर ब्रोकर का सेबी पंजीकरण क्रमांक होना भी आवश्यक है, इसे ध्यानपूर्वक जाँच लें।
  • आजकल इन्टरनेट और ऐप के दौर में हो सकता है कि आपको, आपके ब्रोकर द्वारा कॉन्ट्रैक्ट नोट e-Mail  द्वारा भेजे जाते हों , ऐसे में उस ईमेल को संभाल कर रखना अर्थात उसे  save रखना बहुत ज़रूरी है।
  • कोशिश करें कॉन्ट्रेक्ट नोट की एक कॉपी आप मेल से  लेकर अन्यत्र भी कहीं अपनी कंप्यूटर या डिजिटल डायरी पर save कर लें।