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केंद्र सरकार BEML में रणनीतिक विनिवेश के लिए तैयार

केंद्र सरकार ने 33 सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है।

अर्थज्ञानी की ओर से पहले भी ख़बर दी गयी है कि वित्त वर्ष 2019 के दौरान केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है। जिनमें कई पीएसयू समेत एयर इंडिया, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। एजेंसी की खबर के मुताबिक़ सभी बड़ी सरकारी कंपनियों से केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचेगी।

अब इसी क्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बारे में संसद को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र की मोदी सरकार ने 33 सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। उन्होंने हिस्सेदारी बेचने वाली कंपनियों की लिस्ट संसद को सौंप दी है।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार BEML (Bharat Earth Movers Limited), बीपीसीएल समेत इस सूची में शामिल अन्य कंपनियों में हिस्सेदारी और संपत्ति बेचने से पहले उचित मूल्यांकन के लिए सरकार ने सलाहकारों की निुयक्ति की है। सरकार चाहती है कि बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके, और इसमें किसी तरह के भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे। विदित हो कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने BEML में रणनीतिक विनिवेश के बारे में अक्टूबर 2016 में ही सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी थी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • सरकार ने 33 सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है।
  • भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड में केंद्र सरकार की 54 फीसदी हिस्सेदारी है।
  • BEML की 28 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का केंद्र सरकार का फैसला।
  • अब PSU में सरकार की हिस्सेदारी 26 फीसदी रह जाएगी।
  • इस साल 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का सरकार का लक्ष्य है।

भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु कर्नाटक में है। इस समय BEML में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 54 फीसदी है। “सरकार ने BEML की 28 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है और कंपनी के बिजनेस वर्टिकल को डीमर्ज करने का कोई प्लान नहीं है।” इसके बाद PSU में सरकार की हिस्सेदारी 26 फीसदी रह जाएगी। मोदी सरकार ने इस साल 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। यह अब तक की सबसे अधिक रकम है। साल 2019-20 के अंतरिम बजट में सरकार ने विनिवेश से रकम जुटाने के लिए 90,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया था।

ज्ञात हो कि अर्थ मूविंग उपकरण अर्थात  खनन और निर्माण आधारित उपकरण बनाने वाली BEML एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी निर्माण इकाई कोलार गोल्ड फील्ड, बेंगलुरु, पलक्कड़ एवम मैसूर में है। इसकी स्थापना मई 1964 में हुई थी और इसका संचालन 1 जनवरी 1965 से सन 1992 तक रक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाता रहा है।