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सुप्रीमकोर्ट ने कहा-कॉन्ट्रैक्ट में काम करने वाले कर्मचारी भी हैं PF पाने के हकदार!

पवन हंस लिमिटेड से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिया यह यह आदेश

कॉन्ट्रैक्ट या ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुप्रीमकोर्ट ने खुशखबरी लेकर आया है| सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में यह बात कही कि किसी भी कंपनी या संस्था में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नियमित एंप्लॉयीज की तरह ही मिलना चाहिए|

शीर्ष अदालत ने कहा कि एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड के सेक्शन 2 (f) के मुताबिक कर्मचारी की परिभाषा में वह सभी लोग शामिल हैं, जो संस्थान के लिए काम करते हों, भले ही वे नियमित काम करते हों या फिर किसी तरह के कॉन्ट्रैक्ट पर हों|

जनवरी 2007 से चल रहा था केस

NBT की एक रिपोर्ट के मुताबिक पब्लिक सेक्टर यूनिट पवन हंस लिमिटेड से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया| कोर्ट ने पवन हंस को अपने सभी कॉन्ट्रैक्ट वाले एंप्लॉयीज को पीएफ स्कीम में शामिल करने का आदेश दिया| यही नहीं कोर्ट ने जनवरी 2017 (जब कोर्ट में केस दायर हुआ) से कर्मचारियों को अन्य लाभ दिए जाने का भी आदेश दिया|

बकाए पर देना होगा 12% ब्याज

जस्टिस यूयू ललिल और इंदु मल्होत्रा की बेंच ने आदेश दिया कि पवन हंस को जनवरी 2017 से दिसंबर 2019 तक के बकाया पीएफ पर 12 फीसदी का ब्याज भी कर्मचारियों के खाते में जमा करना होगा| पूर्व श्रम सचिव शंकर अग्रवाल ने इस मामले को लेकर कहा कि लेबर लॉ किसी भी तरह से स्थायी या फिर अस्थायी कर्मचारियों के मामले में सुविधा को लेकर कोई भेद नहीं करता|

प्रस्तावित नए श्रम सुधार कानून में भी है यह प्रस्ताव

गौरतलब है कि सरकार की ओर से प्रस्तावित नए श्रम सुधार कानून के तहत डिलिवरी बॉयज के तौर पर काम करने वाले लोगों को भी पीएफ और अन्य स्कीमों में शामिल करने का प्रस्ताव है| श्रम मामलों की संसदीय समिति की ओर से भी इस प्रपोजल को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है|

ज्ञात हो कि जब यह केस दायर हुआ था तब ऐसा कोई क़ानून नहीं आया था, इसलिए अगर प्रस्तावित नया श्रम कानून अभी लागू हो गया रहता तब भी यह केस उस दायरे में नहीं आताअ| सुप्रीमकोर्ट का यह फैसला पूरी तरह से पूर्व के कानूनों के अनुसार दिए गए हैं, जिसमें सभी तरह के कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड के दायरे में लाने की बात कही गई है|