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बजट2020: कॉर्पोरेट टैक्स में एक बार और हो सकती है कटौती!

नए साल की शुरुआत में वित्त मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय के बीच इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी|

इस बार के बजट को आशाओं का बजट कहा जा रहा है| इस बार के बजट से सभी वर्गों को आशाएं हैं| 1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले इस बार के आम बजट में केंद्र सरकार फिर से कॉर्पोरेट टेक्स में कटौती कर सकती है| मगर इस बार  की कटौती नई कंपनियों के कॉर्पोरेट टैक्स की कटौती तक सीमित हो सकती है| ज्ञात हो कि सरकार ने हाल ही में कॉरपोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी किया है|

सीएनबीसी-आवाज़ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नई कंपनी अगर 5 साल के अंदर उत्पादन शुरू करती है तो भी उसे 15 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स का फायदा मिल सकता है|

विदित हो कि कॉरपोरेट टैक्स कंपनियों पर लगाया जाता है| यह टैक्स किसी प्राइवेट, लिमिटेड, लिस्टेड व अनलिस्टिड सहित सभी तरह की कंपनियों पर लगाया जाता है| कॉरपोरेट टैक्स सरकार के हर साल के रेवेन्यू का एक अहम जरिया होता है और सरकार के टैक्स कलेक्शन में अच्छी भागेदारी करता है|

कटौती की शर्तें हो सकती हैं आसान

नई कंपनी के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की शर्तों को और आसान बनाया जा सकता हैं| सूत्रों से प्राप्त सुचना के अनुसार इस नए प्रावधान में नई कंपनी अगर अपने शुरुआत के 5 साल के भीतर उत्पादन करती हैं तो 15 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना होगा| मौजूदा समय में नई कंपनी खोलने के 3 साल के भीतर ही उत्पादन करना जरूरी होता है| पिछले बजट के अनुसार अभी 15 फीसदी टैक्स के लिए 31 मार्च 2023 तक उत्पादन करना जरूरी है| इस समय सीमा को दो साल के लिए बढ़ाया जा सकता है| इसके बाद यह समयसीमा 31 मार्च 2025 तक के लिए बढ़ाया जा सकता है|

बन चुकी हैं सहमति!

सूत्रों की माने तो नए उद्योगों के लिए उद्योग मंत्रालय ने कम से कम 5 से 7 साल का वक्त दिया जाने की सिफारिश की है| वित्त मंत्रालय भी उद्योग मंत्रालय की सिफारिश से सहमत है| बजट में मियाद बढ़ाने का ऐलान हो सकता है| सूत्रों ने बताया कि नए साल की शुरुआत में वित्त मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय के बीच इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी|

क्या होगा प्रभाव

  1. इस संसोधन से नए उधोगों के पनपने और बढ़ने के लिए पर्याप्त और ज्यादा समय मिलेगा|
  2. टैक्स में छुट से नए उधोगों पर ज्यादा टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा|
  3. नए उधोगों में जोखिम लेने से नए इंडस्ट्रीज का जन्म होगा|
  4. इस प्रस्तावित फैसले से नए निवेश में बढ़ोतरी की उम्मीद लगाई जा रही है|

आपको बताते चलें कि जब सितंबर में सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स को 30% से घटाकर 22% कर दिया था तो विशेषज्ञों ने 1.45 लाख करोड़ रुपए की आमदनी कम होने की आशंका जताई थी, लेकिन इसके फायदे या नुकसान को देखने के लिए अभी वित्त वर्ष के खत्म होने तक इंतजार करना पड़ेगा| हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी हो रही है और नवंबर तक इसमें 5% इजाफा हुआ है|

अगर सूत्रों की बात को सत्य मानते हुए विचार किया जाए तो सरकार का यह कदम बहुत ही सराहनिए होगा और नए उधोगों के लिए यह संसोधन प्राणवायु बन कर नवजीवन प्रदान करने वाला साबित हो सकता है|