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कोशिशें बेकार प्याज 200 पार

अभी और रुलाएगा प्याज

केंद्र सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद प्याज कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं|आसमान छूती कीमतों के कारण आम आदमी की थाली से दूर हो गया है प्याज| गौरतलब हैं कि कीमतों पर नियंत्रण के लिए गृह मंत्रालय स्तर पर भी बैठकों का दौर जारी है|इस बीच देश के विभिन्न स्थानों से प्याज की कीमतें 200 पार होने की ख़बरें भी आ रही हैं| ऐसे में सभी के जेहन में बड़ा सवाल है,कब सामान्य होंगी प्याज की कीमतें?

कर्नाटक में 200/किग्रा हुआ प्याज:

बेंगलुरु में शनिवार को प्याज की कीमत 200 रुपये प्रति कि. ग्रा. तक पहुंच गई| न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से हुई बातचीत में कर्नाटक के कृषि विपणन अधिकारी सिद्दांगैया ने बताया कि,बाजार में कम आपूर्ति के कारण प्याज के दामों में बढ़ोतरी होती जा रही है| राज्य कृषि,”प्याज की कीमत बेंगलुरू की कुछ खुदरा दुकानों में 200 रुपये प्रति कि. ग्रा. के स्तर को छू गई है| इसकी थोक दर 5,500 रुपये से 14,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच है|”सिद्दांगैया के अनुसार, प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं और प्याज की कमी जनवरी के बीच तक रहने की उम्मीद है| कर्नाटक में 20.19 लाख मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन होता है| उत्पादन व फसल पकने के बाद हुए नुकसान को देखा जाए तो इस बार लगभग 50 फीसदी प्याज बर्बाद होने के कारण ये संकट पैदा हुआ है|

क्या हैं अन्य शहरों में कीमतें?

भारत को वार्षिक 150 लाख मीट्रिक टन प्याज की आवश्यकता होती है| इस वर्ष बारिश और बाढ़ के कारण फसल को हुए नुकसान ने प्याज की कीमतों को सातवें आसमान तक पहुंचा दिया है | केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की वेबसाइट पर दी गई कीमत सूची के अनुसार, गोवा की राजधानी पणजी में प्याज का खुदरा भाव 165 रुपये किलो था | दिल्ली में जहां प्याज की कीमत 100 रुपये किलो रही तो मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में इसके भाव 120 रुपये किलो तक पहुंच गए।आंकड़ों के अनुसार अधिकतर शहरों में जहां प्याज का औसत भाव 110 रुपये किलो है। वहीं पोर्टब्लेयर में इसका भाव 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।

सरकार ने उठाये ये कदम:

विपक्ष के तमाम विरोध प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार ने आयात का कदम उठाया है|सरकारी  कंपनी एमएमटीसी ने अब तक 21,090 टन से ज्यादा प्याज आयात करने के ठेके दिए हैं। इसके अलावा कंपनी ने 15,000 टन प्याज आयात करने के लिए नए टेंडर जारी किए हैं। आयातित प्याज की खेप जनवरी के मध्य तक आने की उम्मीद है। आयात के अतिरिक्त सरकार प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है,तथा व्यापारियों के प्याज भंडारण की सीमा तय कर दी है।सरकार ने अपने बफर स्टॉक से कम कीमतों पर आपूर्ति भी शुरू की है।विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जनवरी में नयी फसल का माल बाजार में आना शुरू नहीं होता तब तक प्याज के दाम सिर पर चढे रह सकते हैं।