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India Bulls को मिला क्लीनचिट, शेयरों में आया उछाल

हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद कंपनी के शेयरों में छाई हुई थी मंदी

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs-MCA) के जांच में लोन देने में किसी भी तरह के गड़बड़ी के आरोपों से मुक्त होने के बाद इंडिया बुल्स के शेयरों में आज सुबह तेज उछाल देखने को मिला| आज सुबह के सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंजे (NSE) में इंडिया बुल्स के शेयर 11% की उछाल के साथ 36 अंकों की बढ़त लेकर खुलें| सुबह के कारोबार में इंडिया बुल्स के शेयर NSE में 370 रूपए पर पहुच गए थे हालांकि दोपहर में भी वे 355 से 360 अंकों के बीच बढ़त बनाते हुए स्थिर हैं| बाज़ार विश्लेषक निकट भविष्य में इसके 450 तक पहुचने की उम्मीद कर रहे हैं| विदेशी निवेशक फर्म CLSA अभी भी इसके शेयरों को 450 अंकों के टारगेट के साथ 350 पर खरीदने के पक्ष में है|

MCA ने अन्य मामलों की जांच करेगी  

हालांकि MCA की जांच में लोन देने में अपनाए जाने वाले प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों से इंडिया बुल्स को क्लीनचिट दे दी है पर साथ ही कुछ और आंतरिक तथ्यों पर जांच करने की बात कही है,  जो उन्हें जांच के दौरान मिलें हैं| कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने अपने स्टेटमेंट में कहा है की इंडिया बुल्स ने पांच कंपनियों (DLF, Reliance ADAG, Americorp Group, Vatika Group और Chordia Group) को लोन देने की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं की है और कंपनी ने वाजिब प्रक्रिया के द्वारा ही लोन प्रदान किए हैं|

PIL में लगाए गए थे गंभीर आरोप 

विदित हो की इसी साल 27 सितम्बर को दिल्ली उच्च न्यायालय दायर एक जनहित याचिका (PIL) में मोर्टगेज पर कर्ज देने वाली कंपनी इंडिया बुल्स पर लेनदेन में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे और जांच कराने की मांग की गई थी| PIL में कंपनी के खिलाफ जांच की मांग पर इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, सेबी, आरबीआई और जनहित याचिका के अन्य उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किए थे| जनहित याचिका में कहा गया था की ग्रुप के प्रमोटर्स पब्लिक मनी से प्राइवेट बेनेफिट ले रहे हैं और लोन देने में अनियमितता बरती जा रही है|

न्यायालय ने नोटिस का जवाब देने के लिए कंपनी को दो सप्ताह का समय भी दिया था| साथ ही मंत्रालय को पिछले दो सालों से इंडिया बुल्स के विरुद्ध कई शिकायतें मिल रही थी| RBI ने अक्टूबर में लक्ष्मी विलास बैंक के साथ इंडिया बुल्स के साझेदारी पर भी प्रश्न किए था| इन सभी तथ्यों से प्रेरित होकर और कंपनी के जवाब से संतुष्ट न होकर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने जांच करने का फैसला किया था| ज्ञात हो की इस PIL के हाई कोर्ट द्वारा स्वीकार करने से इंडिया बुल्स के शेयर गिर कर 240 के स्तर पर आ गए थे| जिसमे आज के फैसले के बाद सकारात्मक तेजी देखने को मिल सकती है|

बैंकों के लिए राहत की खबर 

ज्ञात हो की पिछले कुछ समय से भारतीय बैंकों के लिए बहुत अच्छे नहीं रहे हैं और खराब लोन देने की वजह से कई बैंकों पर गंभीर आर्थिक संकट छाए हुए हैं| इस परिस्थिति में इंडिया बुल्स का बेदाग़ निकलना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत की खबर है|