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गैर-खाद्य सामग्री और विनिर्माण उत्पादों के दामों में गिरावट

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति  में अक्टूबर महीने 0.16 फीसदी दामों में गिरावट

कुछ महीनों से बढ़ती मंदी और बढ़ती महंगाई के कारण खाद्य पदार्थ से जुड़े सभी क्षेत्रों में गिरावट दिखाई दे रही है|बाजार में चीजों के Wholesale Inflation (WPI) / थोक भाव के इंडेक्स में गिरावट देखी जा रही है| गैर-खाद्य सामग्रियों और विनिर्माण उत्पादों की कीमतें कम होने से (WPI) Wholesale Price Inflation /थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति  में अक्टूबर महीने 0.16 फीसदी जितनी दामों में गिरावट आई है|

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने के सामान की मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने के दौरान बढ़कर 9.80 प्रतिशत पर रही जबकि गैर – खाद्य उत्पाद वर्ग की WPI 2.35 प्रतिशत पर रही। गौरतलब है कि थोक मुद्रास्फीति (WPI) वर्ष 2019 के अगस्त माह में 1.08 प्रतिशत गिरावट थी|

WPI मुद्रास्फीति इंडेक्स के अनुसार सितंबर महीने में गिरावट

डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति इंडेक्स के अनुसार सितंबर महीने में गिरकर 0.33 प्रतिशत पर आ गई। और खाद्य वर्ग सामग्री की मुद्रास्फीति सिंतबर महीने के दौरान बढ़कर 7.47 प्रतिशत पर रही जबकि गैर-खाद्य उत्पाद वर्ग की मुद्रास्फीति 2.18 प्रतिशत पर रही। डब्ल्यूपीआई फूड इंडेक्स बढ़कर 5.98 प्रतिशत रहा, जो अगस्त में 5.75 प्रतिशत रहा था। गैर खाद्य पदार्थों की महंगाई दर में 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में थोक महंगाई दर 0.1 प्रतिशत रही। फ्यूल तथा बिजली क्षेत्र में WPI में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फलों, सब्जियों, गेहूं, मांस तथा दूध की WPI दर 0.6 प्रतिशत रही। Wholesale Price Inflation इंडेक्स में प्राथमिक उत्पादों की 22.62 फीसदी की हिस्सेदारी है।

मासिक WIP इंडेक्स के आधार पर

मासिक WIP इंडेक्स के आधार पर मुद्रास्फीति वर्ष 2018 के अक्टूबर में 5.54 प्रतिशत पर थी। और सितंबर माह में 5.22 प्रतिशत पर आ गई। वहीं विनिर्माण उत्पाद के लिए थोक मुद्रास्फीति इसी महीने शून्य से 0.84 प्रतिशत डाउन रही। हालांकि , फल और सब्जियों समेत खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से अक्टूबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ती हुई 4.62 प्रतिशत पर पहुंच गयी। जो कि इन 16 महीनों में सबसे का उच्च स्तर है।