Arthgyani
होम > न्यूज > स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)

घरेलू स्टील कंपनी 342.84 करोड़ रूपये के नुकसान से है पीछे

देश के कई राज्यों में मानसून और इस्पात खपत की वजह से उद्ध्योग के कई क्षेत्र वृद्धि दर से प्रभावित

चालू वित्त वर्ष की समाप्ति में हर कंपनी अपने रेवेन्यू की रिपोर्ट जारी कर रही हैं| कई कंपनियों को वार्षिक मुनाफे में काफी गिरावट दर्ज हो रही है| पिछले कुछ दिनों से सभी कंपनियां ऑटो सेक्टर हो या दूरसंचार हर कंपनियां बाजार में मंहगाई और मांग की कमी के कारण घाटे से जूझ रहीं हैं| हालहि में SAIL कंपनी द्वारा पेश वित्तीय रिपोर्ट में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) को चालू वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में 342.84 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।

कंपनी का कहना है कि अन्य घरेलू स्टील उत्पादकों में भी गिरावट आई है| पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर इस्पात खपत में कमी के झुकाव की वजह से मुनाफे में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। सेल के अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही घरेलू और वैश्विक दोनों से जुड़े अनेक कारकों से वृद्धि दर प्रभावित रही है|

वैश्विक कारकों से प्रभावित हुए स्टील उत्पाद

वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान ऑटो सेक्टर, बुनियादी ढांचे और विनिर्माण सहित इस्पात खपत से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों द्वारा बेहतर प्रदर्शन नहीं हुआ| इसके साथ ही मांग की कमी वजह से कीमतों को लगातार गिरावट का भी सामना करना पड़ा है| जिसका असर वित्तीय परिणाम पर नजर आया है। अनिल कुमार ने यह यह भी बताया कि मंदी के दौरान कंपनी ने पूरे संगठन की लागत में कमी के लिए कई उपाय लागू किए गए हैं। इन उपायों में तकनीकी-आर्थिक निष्पादन को बेहतर बनाने की प्रणाली पेश की गई है| कच्चे माल के विवेकपूर्ण उपयोग करने और दूसरे अन्य साधनों के जरिए आय बढ़ाने के बारे में कार्य किये गए हैं| जिसमें  प्रचालन दक्षता को और बेहतर बनाया गया है। इन प्रयासों के जरिए लागत नियंत्रण के प्रयासों में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

घरेलू और इस्पात खपत से कम वृद्धि

देश के कई राज्यों में मानसून और इस्पात खपत की वजह से उद्ध्योग के कई क्षेत्रों में कम वृद्धि के कारण भी घरेलू इस्पात खपत में काफी प्रभाव पड़ा है। फिर भी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के अंतराल में सर्वाधिक हॉट मेटल और क्रूड स्टील का उत्पादन किया है। कंपनी इस तरह आने वाली तिमाहियों में लागत नियंत्रण के क्षेत्र में हर तरह के प्रयास जारी रखेगी।

निर्धारित नई कॉरपोरेट टैक्स दर से मिलेंगे बेहतर परिणाम

सरकार की तरफ से लागू किए गए नए कार्पोरेट टैक्स दरों (Tax Rates) से कंपनियों को काफी फायदा होगा| कंपनी ने बताया कि इस्पात खपत बुनियादी ढांचा बढ़ाने और के लिए उठाये गए ये कदम काफी फायदेमंद रहेंगे| जिनका परिणाम आने वाली तिमाहियों के वित्तीय परिणामों में दिखेंगे| सरकार की इस नई टैक्स प्रणाली से बाजार में नगदी का आगमन बढ़ेगा| जिससे नई परियोजनाओं में निवेश बढ़ेगा है। जो कि वित्त वर्ष 2019-20 आने वाली तिमाहियों में स्टील की मांग की बढ़त के साथ कंपनी को मुनाफा होगा| व्रद्धी दर की कमी में सुधर होंगे और मुनाफा में फीसदी बढ़त देखने को मिलेगी|

ऑटो सेक्टर, विनिर्माण क्षेत्र, दूरसंचार जैसे कई तरह के उद्ध्योग क्षेत्रों में आने वाली तिमाहियों के अंतराल में कंपनियों के मुनाफे में बढ़त की उम्मीद की जा रही है|