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चालान काटने से एकत्रित करीब 577 करोड़ की राशि: सड़क परिवहन मंत्री

1 सितंबर के बाद से एक्ट उल्लंघन होने पर करीब 38 लाख चालान काटे गए

सरकार द्वारा मोटर व्हीकल, सड़क परिवहन को लेकर कई नए नियमों और योजनाओं को लागू किया गया है| हालहि में कुछ महीनों पहले न्यू मोटर व्हीकल एक्ट को लागू किया| सितम्बर से पारित यह एक्ट पूरे देश में लागू है|जिनमें हेलमेट ना पहनने पर, बिना लाईसंस के गाड़ी चलने पर, सिग्नल के नियमों का उल्कलंघन करने जैसे कई नियम मोटर व्हीकल एक्ट में शामिल हैं| इन नियमों का पालन न करने पर चालन काटा जा रहा है|

एजेंसी की खबर के मुताबिक़ सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताय कि 1 सितंबर के बाद से एक्ट का उल्लंघन होने पर करीब 38 लाख चालान काटे गए हैं। जिसमें मोटर वीइकल एक्ट काटे गए चालन के द्वारा करीब 577.51 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित हुई है|

नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर द्वारा जारी आंकडें 

नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के आंकड़ों के मुताबिक़ ट्रैफिक अथॉरिटीज द्वारा इस साल 1 सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद18 राज्यों में 38 लाख से अधिक चालान काटे हैं। चालान की संख्या है 38,39,406 और चालान की कुल 5,77,51,798 राशि जमा हुई है। इन 18 राज्यों में चंडीगढ़, पुडुचेरी, असम, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, दादर नागर हवेली, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं।

हाँलाकि तमिलनाडु में सबसे ज्यादा चालान काटे गए हैं जो कि 14,13,996 के करीब हैं|ध्यान दें, गोवा में सबसे कम चालान काटे गए हैं। जिनकी गिनती सिर्फ 58 चालान की है| वहीं उत्तर प्रदेश में यातायात उल्लंघन के लगभग 9,83,326 और दिल्ली में 4,81,378 मामले सामने आए।

न्यू मोटर व्हीकल एक्ट 

सड़क परिवहन मंत्री ने बताया था कि नए मोटर व्हीकल एक्ट से देश में होने वाले सड़क हादसों को कम किया जा सकेगा| न्यू एक्ट में स्पीड में गाड़ी चलाने पर 5,000 रुपये का चालान काटा जाता है जो कि पिछले नियमों के मुताबिक़ 10 गुना बढ़ा दिया गया है। वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने पर चालान राशि 10,000 रुपये है|वर्ल्ड रोड स्टैटिस्टिक्स, 2018 की 199 देशों की रिपोर्ट के मुताबिक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों के मामले में भारत पहले स्थान पर था।

जारी रिपोर्ट में नौ राज्यों के आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों की मौत दर में सबसे अधिक गिरावट पुडुचेरी में आई है जो कि -30.7 पर्सेंट है। पिछले साल देश में सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख से अधिक जानें गई थीं। देखा जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में 9.8% जितनी गिरावट दर्ज हुई है।