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जल्दी ही इलेक्टोरल बॉन्ड की 13वीं किस्त पेश होने जा रही है- 13 जनवरी 2020

बॉन्ड को जारी करने का अधिकार सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक को।

13 जनवरी 2020 से इलेक्टोरल बॉन्ड की 13वीं किस्त खुलेगी और इसे 22 जनवरी तक खरीदा सकता है। यह राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने का एक इलेक्ट्रॉनिक माध्मय है, जिसे नकद चंदे के विकल्प के रूप में पेश किया गया है।

वित्त मंत्रालय ने इलेक्टोरल बॉन्ड की 13वीं किस्त 13 जनवरी को पेश करने का फैसला किया है। न्यूज़ एजेंसी से प्राप्त ख़बरों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “बिक्री के 13वें चरण मे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को 13 जनवरी 2020 से 22 जनवरी 2020 के दौरान इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने और भुनाने का अधिकार दिया गया है।”

इलेक्टोरल बॉन्ड पर एक नज़र

  • वित्त मंत्रालय ने इलेक्टोरल बॉन्ड की 13वीं किस्त पेश करने का फैसला किया।
  • बॉन्ड को जारी करने का अधिकार सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक को।
  • एसबीआई की 29 शाखायें भी इस अधिसूचना में शामिल।
  • इलेक्टोरल बॉन्ड की पहली किस्त 1 मार्च से 10 मार्च 2018 के दौरान खुली थी।
  • भारत का कोई भी नागरिक इन बॉन्ड को खरीद सकता है।
  • बॉन्ड खरीदने के लिए KYC फार्म भरना जरूरी है।
  • बॉन्ड केवल बैंक अकाउंट से ही खरीद सकते हैं, नकद का प्रावधान नहीं ।
  • राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने की व्यवस्था में पारदर्शिता लाना इसका उद्देश्य है।

विदित हो कि इस बॉन्ड को जारी करने का अधिकार सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक को दिया गया है और इस अधिसूचना में एसबीआई की 29 शाखाओं को भी चिह्नित किया गया है। अन्य शाखाओं में नई दिल्ली, चंदीगढ़, शिमला, श्रीनगर, देहरादून, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर, मुंबई, पटना और लखनऊ जैसे शहरों की शाखाएं शामिल हैं।

ज्ञात हो कि इलेक्टोरल बॉन्ड की पहली किस्त 1 मार्च से 10 मार्च 2018 के दौरान खुली थी। तब से अबतक इस तरह की 12 किस्तें समय-समय पर पेश की जा चुकी हैं। स्कीम के प्रावधानों के अनुसार, भारत का कोई भी नागरिक या भारत में निगमित और स्थित कोई इकाई इन बॉन्ड को खरीद सकती है। इन बॉन्ड को व्यक्तिगत तौर पर या किसी के साथ संयुक्त रूप से भी खरीदा जा सकता है।

क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड

इलेक्टोरल बॉन्ड या चुनावी बॉन्ड एक ऐसा बॉन्ड है जिसमें एक करेंसी नोट लिखा रहता है, जिसमें उसकी वैल्यू होती है। ये बॉन्ड राजनीतिक पार्टियों को पैसा दान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस बॉन्ड के जरिए कोई भी आम आदमी राजनीतिक पार्टी, राजनीतिक व्यक्ति या किसी राजनीतिक संस्था को पैसे दान कर सकता है। इसकी न्यूनतम कीमत एक हजार रुपए से लेकर अधिकतम एक करोड़ रुपए तक होती है। चुनावी बॉन्ड 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपये के मूल्य में उपलब्ध हैं।

गौरतलब है कि इससे राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने की व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और यही इसका उद्देश्य है।