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क्रेडिट कार्ड के प्रॉफिट का फंडा

क्रेडिट कार्ड कंपनियां बिना इन्ट्रेस्ट के उधार देकर भी प्रॉफिट कैसे कमाती हैं?

अगर आपका सिबिल स्कोर अच्छा है तो आपको सप्ताह में कम से कम एक कॉल तो जरुर आ जाता है, जिसमे आपको क्रेडिट कार्ड लेने के लिए निवेदन किया जाता है, और अगर आपके पास पहले से ही क्रेडिट कार्ड है तो दूसरा लेने के लिए भी प्रेरित किया जाता है|

तो चलिए जानते हैं की क्रेडिट कार्ड है क्या और यह कार्य कैसे करता  हैं और बिना शुल्क के लाभ कैसे प्राप्त करती हैं?

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) क्या है?

क्रेडिट कार्ड एक प्लास्टिक कार्ड है, जो एक विशिष्ट भुगतान प्रणाली के उपयोगकर्ताओं को जारी किए जाते हैं| इस कार्ड के द्वारा धारक इस वादे के साथ वस्तुएं और सेवायें खरीद सकते हैं कि बाद में वो इन वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य का भुगतान करेगा| कार्ड का जारीकर्ता, कार्ड के द्वारा उपभोक्ता को उधार की एक सीमा देता है जिसके अन्तर्गत एक उपयोगकर्ता खरीदी हुई वस्तुओं के भुगतान के लिए पैसे प्राप्त कर सकता है और नकद भी निकाल सकता है। जब आप कोई खरीददारी करते हैं तो आपके कार्ड में कोई बैलेंस नहीं होने बाद भी क्रेडिट कार्ड कंपनी आपके बदले भुगतान कर देती है जो आप पर उधार हो जाता है जिसे आपको तय तिथि में भुगतान करना होता है|

 वैसे तो क्रेडिट कार्ड के बहुतो लाभ है मगर सावधानी न रखी जाए तो यह सिरदर्द भी साबित हो सकता है| आप सोचते होंगे की क्रेडिट कार्ड कंपनियां खरीददारी पर रिवार्ड्स देती हैं, बिना किसी शुल्क के लगभग महीने भर के लिए उधार देती है फिर ये!  

 क्रेडिट कार्ड कंपनियां लाभ कैसे कमाती हैं?

  1. लाभ बंटवारा– इन क्रेडिट कार्ड कम्पनियों का कई उत्पादक कम्पनियों से समझौता होता है जिससे खरीददारी करने पर होने वाले प्रॉफिट में से वे आपस में बंटवारा करती है| इसलिए अक्सर ये आपको उस विशेष क्लाइंट्स से खरीददारी करने के लिए प्रेरित भी करती हैं और कभी-कभी रिवार्ड्स भी देती हैं|
  2. लेट फी इन्ट्रेस्ट– क्रेडिट कार्ड कम्पनियों के पास लाभ कमाने का सबसे बड़ा हथियार है लेट फी! जी हां लेट फी इनकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गया है| लेट फी वह इन्ट्रेस्ट होता है जो आप भुगतान की तिथि पर क्रेडिट कार्ड के बकाए का भुगतान नहीं करते हैं तो आपसे आपके क्रेडिट कार्ड के वास्तविक बिल के अतिरिक्त जो धन वसूला जाता है वही होता है लेट फी| इस लेट फी की अतरिक्त वसूली कर सकें इसके लिए न्यूनतम बिल पेमेंट का विकल्प भी सुझाते हैं ताकि शेष बाकी बिल पर उच्च दर से इन्ट्रेस्ट वसूल सकें|
  3. ईएमआई इन्ट्रेस्ट– आप क्रेडिट कार्ड से की गई खरीददारी या खर्च को ईएमआई में परिवर्तित कर सकते हैं, यह सुविधा भी क्रेडिट कार्ड कंपनी प्रदान करती है| जब आप किसी व्यय को ईएमआई में परिवर्तित करते हैं तो उस दौरान आपसे फीस वसूला जाता है साथ ही हर महीने के ईएमआई के साथ भी आप इन्ट्रेस्ट के रूप में एक मोटी रकम चुकाते हैं|

  सम्पूर्ण रूप से कहा जाए तो क्रेडिट कार्ड कंपनियां उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सुविधा देने के बदले शुल्क वसूलती हैं और अगर सावधानी के साथ इसका उपयोग किया जाए तो यह लाभदायक भी हो सकती हैं|