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आइये जानते हैं! टैक्स बचत से जुड़े नियमों के बारे में!  

जानिये टैक्स बचत क्यों जरुरी है, पढ़ें टैक्स छूट के फायदों के बारे में

हर व्यक्ति अपने कमाई हुई राशि में से कुछ बचत करना चाहता है| लेकिन कमाई हुई राशि जब सही जगह निवेश ना की जाए तो नुकसान का जोखिम भी उठाना पड़ता है| आमदनी का ज्यादा हिस्सा टैक्स के रूप में चला जाता है| जब कहीं भी इन्वेस्टमेंट करते हैं तो यही सोचते हैं कि कम से कम टैक्स हो या टैक्स फ्री हो और दुगना रिटर्न मिले| टैक्स से जुड़े नियमों में आयकर कानून 1961 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो उसे आयकर चुकाना अनिवार्य है| लेकिन, कोई भी नागरिक Income Tax (आयकर) कानून के नए माध्यमों में निवेश करता है तो टैक्स भरने का भार थोड़ा कम हो जाता है|

जानिये इनकम टैक्स नियम के किस सेक्शन में निवेश से आयकर में मिलेगी राहत

  1. आयकर कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स में कटौती

आयकर कानून के सेक्शन 80C के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और निवेश से जुड़े कई विकल्पों पर आयकर की छूट मिलती है| जिसके अंतर्गत EPF, PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड (ELSS) और टैक्स सेविंग FD इत्यादि विकल्प शामिल हैं| इन विकल्पों के माध्यम से निवेश करने पर आपनी बचत पर सेक्शन 80C के तहत आयकर छूट का लाभ उठा सकते हैं|

  2. सेक्शन 80D: हेल्थ इंश्योरेंस या मेडिकल

परिवार के किसी भी सदस्य के लिए, पति पत्नी, बच्चों और माता-पिता या अभिभावक के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदन पर जो राशि चुकाई जाती है उस प्रीमियम की रकम पर भी सेक्शन 80D का नियम लागू होता है| जिसमें इस सेक्शन के तहत आयकर छूट मिलती है| जिसमें टैक्स छूट के दायरे में 25,000 रुपये तक का प्रीमियम होता है|

   3. सेक्शन 24B: होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट

जब घर बनाने के लिए हम बैंक से लोन लेते हैं तो उसमें सेक्शन 24B के तहत कानून लागू होता है| जिसमें बैंक लोन चुकाने की मासिक किस्त में कुल 2 लाख रुपये तक के ब्याज पर आयकर में राहत मिलती है| इसी तरह घर को रिनोवेट कराने आदि के लिए 30 हजार रुपये तक के लोन लेने पर भी आयकर में छूट मिलती है|

  4.सेक्शन 80U40% से अधिक विकलांग

जो व्यक्ति 40% से अधिक विकलांग हैं तो इस सेक्शन के तहत Income Tax छूट का लाभ मिलता है| सेक्शन 80U और सेक्शन 80DD का लाभ एक साथ नहीं उठाया जा सकता है| जिसमें टैक्स छूट के दायरे में 25,000 रुपये तक का प्रीमियम होता है|

 5. सेक्शन 80E: एजुकेशन लोन पर टैक्स छूट

जब व्यक्ति खुद के लिए, परिवार के सदस्यों- अपने पति/पत्नी, बच्चों के लिए एजुकेशन लोन लेता है तभी ब्याज की उस रकम पर यह सेक्शन 80E लागू होता है और Income Tax से छूट मिलती है| इसमें लोन राशि किसी भी सीमा तक रख सकते हैं| देश और विदेश में कहीं भी पढ़ाई करनी है तो आसानी से मिल सकेगी| आयकर में छूट पर कुछ शर्तें लागू होती हैं जैसे कि लोन फुल टाइम उच्च शिक्षा के लिए गया हो या किसी वित्तीय संस्थान के लिए गया हो|

6. सेक्शन 80G:सरकार द्वारा नोटिफाई फंड में छूट 

सरकार द्वारा नोटिफाई कई फंड में दान करने पर 100% राशि पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं| इस तरह से किसी फंड में निवेश करने पर भी यह सेक्शन लागू होता है और टैक्स छूट मिलती है|

7. सेक्शन 80TTA

किसी एक वित्त वर्ष में ब्याज 10,000 रुपये से कम है तो इस सेक्शन के तहत उस पर आयकर छूट पर मिलती है| वहीं किसी बैंक अकाउंट या पोस्ट ऑफिस में जमा राशि से कमाए गए ब्याज पर रिटर्न में अन्य स्रोत से वापस आता है|

इस तरह से इन नियमों के तहत निवेश के कई विकल्प शामिल हैं|और इन सभी सेक्शन के अंतर्गत आयकर छूट मिलती है| जिससे टैक्स बचत की जा सकती है| और टैक्स छूट से जुड़े लाभ उठा सकते हैं|