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जानिये, PPF और ELSS में कौन सा फंड है निवेश के लिए बेहतर!

PPF और ELSS इन दोनों में निवेश करने से इनकम टैक्स की छूट मिलती है

हम सभी अपनी इनकम के कुछ हिस्से को कहीं न कहीं निवेश करने का प्लान करते रहते हैं| निवेश के दौरान यह भी उम्मीद रखते हैं कि कम समयावधि में अच्छा रिटर्न मिले| इसलिए हम फंड्स में निवेश करते हैं| फंड में निवेश करना काफी फायदेमंद है| लेकिन फंड्स में निवेश के दौरान टैक्स पे और बचत के बारे में जानकारी रखना भी जरूरी है| आइये इस आर्टिकल के तहत जानते हैं कि कौन से ऐसे फंड्स हैं, जिनमें निवेश से टैक्स बचाया जा सकता है|

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम / Equity Linked Saving Scheme (ELSS) इन दोनों स्कीमों में निवेश करने से इनकम टैक्स बचाया जा सकता है| PPF और ELSS इन दोनों स्कीमों में करोड़ों रुपयों का निवेश है| अक्सर लोग यह जानने की कोशिश करते हैं कि कौन सी स्कीम में निवेश से टैक्स छूट मिलेगी|

PPF और ELSS क्या है? 

पब्लिक प्रोविडेंट फंड/ Public Provident Fund (PPF)

PPF आज के समय में रिटायरमेंट प्लान में निवेश का सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें निश्चित अवधि के साथ अच्छा रिटर्न और टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। पीपीएफ में निवेश की गयी धनराशि पर अर्जित लाभ  80C के तहत टैक्स मुक्त है। इस फंड में 15 साल तक के लॉकइन प्लान में किसी भी प्रकार का कोई जोखिम नहीं होता है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड में हर साल अधिकतम 8 फीसदी प्रतिलाभ पर निवेश की सीमा 1.5 लाख रुपए है। जिसमें कंपाउंड इंटरेस्ट शामिल है जो हर फाइनेंशियल ईयर के अंत में खाते में जमा हो जाता है।  और मिलने वाले इंटरेस्ट एवम मेच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर भी कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है।

  1. PPF को बैंक या पोस्‍ट ऑफिस खुलवाना आसान है| इसके अलावा किसी भी बैंक या किसी भी पोस्‍ट ऑफिस में ट्रांसफर भी किया जा सकता है।
  2. PPF के अकाउंट की ओपन करने की राशि केवल 100 रुपए है लेकिन हर साल एक साथ 500 रुपए जमा करना आवश्यक है। जिसमें हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा करने की छूट है|
  3. फंड की यह स्‍कीम 15 साल के लिए होती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर बिच में जमा राशि को निकाला जा सकता है।
  4. यह स्कीम में खोले गए अकाउंट को 15 साल पूरे होने के पहले बंद नहीं कर सकते हैं, लेकिन 3 साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है। और इसी अकाउंट के द्वारा 7वें साल में नियमों के तहत जमा राशि को विड्रॉल किया जा सकता है|
  5. इस फंड में सरकार ब्‍याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में करती है। ब्याज दरें कम या ज्यादा भी हो सकती हैं|

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम / Equity Linked Saving Scheme (ELSS)

ELSS साधारण इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरह ही है। यह स्कीम विभिन्न उद्यगों और बड़े पैमाने की कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है इसलिए फंड में विविधिता दिखाई देती है। इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम के अधिकतम कोष को इक्विटी में निवेश किया जाता है। इस स्कीम को इनकम टैक्स के नियम 80C के अंतर्गत अत्यधिक लोकप्रिय मानी जाती है| इस स्कीम में निवेश से आय टैक्स की बचत के साथ निवेश की गयी पूँजी में वृद्धि होती है| इस योजना में लॉकइनपीरियड (Lock in Period) तीन साल की अवधि का होता है।

  1. देश की हर कंपनी के पास इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम है। इस स्कीम में ऑनलाइन निवेश किया जा सकता है।
  2. इस स्कीम में एकबार में निवेश करने पर न्‍यूनतम 5 हजार रुपए का निवेश कर सकते हैं| प्रतिमाह निवेश करने पर 500 रुपए महीने का निवेश करना अनिवार्य है। ELSS में 1.5 लाख रुपए तक इन्वेस्ट करने पर टैक्‍स छूट मिलती है।
  3. इस स्‍कीम में 3 साल की अवधि के लिए लॉकइन रहता है। इसके बाद कभी भी निवेशक पैसा निकाल सकता है| आप जब चाहें अब तक इस स्कीम में जुड़े रह सकते हैं|
  4. निवेशक इसमें डिविडेंट पेआउट का आप्‍शन लेता है तो उन्‍हें बीच बीच में पैसा मिलता रहेगा। हालांकि इसे बीच में स्‍कीम से निकला नहीं जा सकता है।

हांलांकि, कई नियम दोनों स्‍कीम में कॉमन हैं। दोनों ही स्कीमों में अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश पर इनकम टैक्‍स की बचत की जा सकती है। इसके अलावा दोनों स्‍कीम को बीच में बंद नहीं किया जा सकता है।