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जानीये एमसीएलआर क्या है?

लोन पर ब्याज दर तय करता है एमसीएलआर

आप सभी ने अक्सर ही एमसीएलआर की दरों में कटौती की खबरें पढ़ी होंगी| ये खबरें प्रायः हर अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित कि जाती हैं| इन खबरों के महत्त्व को इस बात से भी समझा जा सकता है कि प्रत्येक समाचार पत्र इन्हें पहले पन्ने की खबर बनाता है|दरअसल एमसीएलआर की दरों में परिवर्तन से बैंकों में लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहक प्रभावित होते हैं|आइये जानते हैं एमसीएलआर क्या है और इससे ग्राहकों को क्या लाभ है?

एमसीएलआर क्या है?

दरअसल बैंकों के लिए लोन पर ब्याज दर तय करने के फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है।आरबीआई के द्वारा बैंकों के लिए तय फॉर्मूला फंड की मार्जिनल कॉस्‍ट पर ही आधारित होता है। अप्रैल, 2016 से ही बैंक नए फॉर्मूले के तहत मार्जिनल कॉस्ट से लेंडिंग रेट तय कर रहे हैं।बैंकों को प्रतिमाह  एमसीएलआर की जानकारी देनी होती है। आरबीआई द्वारा जारी इस नियम से बैंकों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलने और इकोनॉमिक ग्रोथ में भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद थी।

ग्राहकों को लाभ:

आरबीआई के एमसीएलआर फॉर्मूले का प्रमुख उद्देश्य ग्राहक को कम इंटरेस्‍ट रेट का फायदा देना और बैकों के लिए इंटरेस्‍ट रेट तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।इस के लागू होने के बाद आरबीआई द्वारा रेट में कटौती के साथ ही बैंकों को अपनी ब्याज दर कम करनी होती है। जबकि पहले के लेंडिंग रेट फॉर्मूले में बैंकों के ऊपर यह बाध्यता नहीं थी।जिसके कारण लोन लेने वाले कस्टमर को सस्‍ते कर्ज के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था।

इन बैंकों ने घटाई एमसीएलआर दरें:

आरबीआई अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए समय समय पर ब्याज दरों में कटौती करता रहता है|बैंको कि जिम्मेदारी इस कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुँचाने की होती है| रिजर्व बैंक के निर्देश के बाद देश के इन तीन प्रमुख बैंकों ने एमसीएलआर दरों में कटौती की घोषणा की है|

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda):

बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक साल की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर(एमसीएलआर) 0.05 प्रतिशत कम कर 8.25 प्रतिशत कर दिया है| ये नई संशोधित दरें गुरुवार से प्रभावी होंगी|शेयर बाजारों को दी सूचना के अनुसार बैंक ने एक दिन से छह महीने की अवधि के कर्ज पर MCLR कम कर 7.65 से 8.10 प्रतिशत रखी है|

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India):

इससे पहले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने एक साल की MCLR 0.10 प्रतिशत घटाकर 7.90 प्रतिशत कर दी|यह दर 10 दिसंबर 2019 से लागू होगी| स्टेट बैंक ने लगातार आठवीं बार MCLR में कटौती की है|

बैंक ऑफ इंडिया(Bank of India):

बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक साल की एमसीएलआर 8.30 प्रतिशत से घटाकर 8.20 प्रतिशत करने की घोषणा की है|