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जानीये कैसे प्राप्त कर सकते हैं आयकर ई रिफंड?

ई रिफंड प्राप्त करने कि सरल प्रक्रिया

आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले हर व्यक्ति को ई रिफंड का इंतजार होता है|दरअसल अब ई रिफंड पाने की प्रक्रिया में काफी परिवर्तन हो चुके हैं|इनकम टैक्स  डिपार्टमेंट अब टैक्स भरने वालों को ऑनलाइन तरीके से ही रिफंड जारी करता है। पहले ये रिफंड चेक के जरिए किया जाता  था। अब ये प्रक्रिया बंद करके सिर्फ ऑनलाइन ही टैक्स रिफंड किया जाता है।कई बार आवेदन में त्रुटियों के कारण करदाता को ई रिफंड नहीं मिल पाता या समस्या आती है|आज जानते हैं ई रिफंड प्राप्त करने कि सरल प्रक्रिया|

कैसे करें आवेदन?

आयकर विभाग की वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर   अपना यूजर नेम (टैक्सपेयर का पैन नंबर) और पासवर्ड की दर्ज करें। अगर आप पंजीकृत नहीं है तो सबसे पहले अपने को रजिस्टर्ड करना होगा। यूजर नेम और पासवर्ड डालने के बाद नीचे एक कैप्चा दिखाई देगा, इसे एंटर करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करते ही आपकी प्रोफाइल खुल जाएगी।प्रोफाइल खुलने के बाद ‘dashboard’ पर जायें। जिसके बाद प्रोफाइल सेटिंग बटन पर क्लिक क्लिक करने पर ड्रॉपडाउन मेन्यू में कई विकल्प नजर आयेंगे। यहाँ से ‘prevalidate your bank account’विकल्प को  चुनें | बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट करने के लिए सबसे पहले पैन और बैंक अकाउंट को लिंक कर लें। टैक्स भरने वाले कारोबारी केवल प्री-वैलिडेट बैंक अकाउंट से ही इनकम टैक्स रिटर्न को ई-वेरिफाई कर सकते हैं। कारोबारी को अपने बैंक अकाउंट नंबर को वैलिडेट करने के लिए बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का IFSC कोड, बैंक का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल-आईडी जैसी जानकारियां डालनी होंगी।

ध्यान रहे कि:

ध्यान रहे कि पैन, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी वही डालें जो आपके बैंक अकाउंट के साथ रजिस्टर्ड हैं।सभी जानकरियां भरने के बाद pre-validate’ बटन पर क्लिक करना होगा। प्री -वैलिडेशन स्टेटस टैक्सपेयर के रजिस्टर्ड ईमेल-आई़डी और मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।आप अपना ई-फाइलिंग वेबसाइट  पर भी देख सकते हैं। वेबसाइट पर देखने के लिए आपको ‘profile settings’ और ‘pre-validate your bank account’ टैब्स पर क्लिक करना होगा। भारत में 5 लाख से ऊपर आय वाले सभी व्यक्तियों के लिए आयकर भरना जरूरी है। कारोबारी भी इसी सीमा के अंतर्गत आते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद बड़े व्यापारियों यानी सलाना 40 लाख से ऊपर टर्नओवर होने टैक्स की प्रकिया पूरी तरह ऑनलाइन ही कर दिया गया है।

ये भी जानीये:

व्यापारियों को व्यवसाय के विस्तार के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकृति के प्रोत्साहन दिए जाते हैं|इनमें से लोन पे मिलने वाले टैक्स लाभ विशेष उल्लेखनीय है| कारोबारी अगर अपने बिजनेस के विस्तार के लिए बिजनेस लोन लेते हैं तो सरकार के तरफ से उन्हें टैक्स में बेनिफिट्स प्रदान किया जाता है।इसके अलावा 2 साल पुराना व्यवसाय जिसमें वार्षिक आयकर  ITR डेढ़ लाख फाइल किया जाता रहा हो एवं सालाना 5 लाख तक का टर्नओवर है, ऐसे कारोबारियों को 1 से 5 लाख तक बिजेनस लोन सिर्फ 3 दिन में बिना कुछ गिरवी रखे दिया जाता है|