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जानीये क्या होंगे टैक्स स्लैब में संभावित परिवर्तन?

सरकार को 55,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकता है

आर्थिक सुस्ती और राजकोषीय घाटे से परेशान मोदी सरकार को मिल सकती है राहत|डायरेक्ट टैक्स कोड पर गठित टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर सरकार कर रही है विचार|टास्क फ़ोर्स ने ये रिपोर्ट अगस्त में सौंपी थी|सरकार द्वारा इस पर  गंभीरता से विचार के बाद इसके लागू होने की भी चर्चाएं चल रही हैं|टास्क फ़ोर्स के सुझावों को आगामी बजट में शामिल किया जा सकता है|

क्यों ख़ास है रिपोर्ट?

राजकोषीय घाटे से जूझ रही मोदी सरकार के लिए ये रिपोर्ट बहुत ख़ास है| टास्क फोर्स ने इस रिपोर्ट में इनकम टैक्स स्लैब और कैपिटल गेन टैक्स सिस्टम में बदलाव करने के लिए सुझाव दिए हैं|जिन पर अमल करने से सरकार को 55,000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हो सकता है| इस रिपोर्ट में कर प्रणाली में बदलाव करने का सुझाव दिया गया है|हालांकि अभी तक टास्क फोर्स की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

क्या हैं सुझाव?

इस रिपोर्ट में  ऐसे लोगों के खिलाफ मामला न चलाने का सुझाव दिया गया है, जो छह वर्ष तक की पिछली अवधि के लिए इंट्रेस्ट और 50 प्रत‍िशत पेनाल्टी के साथ अधिक इनकम टैक्स देते हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में 10 लाख रुपए तक की इनकम वालों के लिए 10 प्रत‍िशत, 10-20 लाख रुपए के लिए 20 प्रत‍िशत, 20 लाख रुपए से 2 करोड़ रुपए तक की इनकम वालों के लिए 30 प्रत‍िशत और 2 करोड़ रुपए से अधिक की आमदनी वालों के लिए 35 फीसदी के पर्सनल इनकम टैक्स रेट का सुझाव गया है। 15% से 37 % तक के बीच में लगने वाले सरचार्ज को हटाने का भी सुझाव वहीं टास्क फोर्स ने 15 प्रत‍िशत से 37 प्रत‍िशत तक के बीच में लगने वाले सरचार्ज को हटाने का भी सुझाव दिया है।रिपोर्ट में यह भी कहा है कि लोगों को मिलने वाली डिडक्शन की सुविधा को प्रोविडेंट फंड, मेडिकल और एजुकेशनल खर्चों, हाउसिंग लोन और चैरिटी तक सीमित रखा जाए।अभी तक कोई भी व्यक्ति फिक्स्ड डिपॉजिट, इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम और इंश्योरेंस में निवेश करके इंटरेस्ट पर कटौती का लाभ उठा सकता है| टास्क फोर्स ने इंटरेस्ट और किराए के भुगतान पर दिए जाने वाले डिडक्शन को हटाने का सुझाव दिया है।

टैक्सपेयर्स को राहत,टैक्स कलेक्शन में वृद्धि

टास्क फ़ोर्स द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट का प्रमुख लक्ष्य टैक्सपेयर्स(आयकर दाता)  को राहत देने के साथ ही टैक्स कलेक्शन(कर संग्रह) में वृद्धि है|19 अगस्त को सौंपी गई इस रिपोर्ट में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के मेंबर अखिलेश रंजन टास्क फोर्स में कन्वेनर और चीफ इकनॉमिक एडवाइजर के सुब्रमणियन मेंबर के तौर पर शामिल थे।कैपिटल गेन्स टैक्स के लिए टास्क फोर्स ने तीन सूत्री व्यवस्था- इक्विटी, नॉन-इक्विटी फाइनेंशियल असेट्स और प्रॉपर्टी सहित सभी अन्य अपनाने का सुझाव दिया है।