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जानीये जीएसटी(GST) काउंसिल की बैठक में क्या हुआ?

पूरे देश में लॉटरी पर 28 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा

बुधवार को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक पर पूरे देशवासियों की निगाहें जमी हुई थी|इस बैठक में रोजमर्रा के जीवन से सम्बंधित वस्तुओं के स्लैब में परिवर्तन की अटकलों का बाजार गर्म था|सरकार को जीएसटी संग्रह से हुए राजकोषीय घाटे को देखते हुए कर वृद्धि के कयास लगाये जा रहे थे|बहरहाल इन्ही अटकलबाजियों के बीच GST काउंसिल की 38वीं बैठक संपन्न हुई|जानते हैं जीएसटी काउंसिल कि बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय|

स्लैब में बदलाव नहीं हुए:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 38वीं बैठक में टैक्स स्लैब में परिवर्तन की बात को प्रमुख बताया जा रहा था|राजकोषीय घाटा बढने के बीच हुई इस बैठक में फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया जिससे रोजमर्रा के जीवन कोई परिवर्तन हो|ख़बरों में संभावित परिवर्तन की बात राज्यों के विरोध के कारण निर्णय में शामिल नहीं हुई|

लॉटरी पर 28 फीसदी जीएसटी:

GST काउंसिल की बैठक में लॉटरी पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया|काउंसिल के फैसले के अनुसार लॉटरी पर देश भर में एक समान टैक्स लगाया जाएगा|संशोधन के बाद पूरे देश में लॉटरी पर 28 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा, ये संशोधन एक मार्च 2020 से लागू होगा|काबिलेगौर है कि जीएसटी काउंसिल ने पहली बार किसी मुद्दे पर फैसला लेने के लिए वोटिंग का सहारा लिया| लॉटरी पर टैक्स का फैसला वोटिंग की बहुमत के आधार पर लिया गया| इसके अलावा पैकिंग में काम आने वाले विभिन्न प्रकार के बैग, पालीप्रोपलिन स्ट्रिप और कुछ अन्य सामानों पर अब एक समान 18 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाएगा|इन पर अभी तक 10 से लेकर 12 फीसदी की दर से टैक्स वसूला जाता था| यह संशोधन एक जनवरी 2020 से लागू होगा|

छूट और मोहलत:

जीएसटी काउंसिल की बैठक में केंद्र या राज्य सरकार की 20 फीसदी या इससे ज्यादा की हिस्सेदारी वाले औद्योगिक या वित्तीय ढांचागत संरचना के प्लॉट के दीर्घकालीन लीज के समय दिए जाने वाले अपफ्रंट रकम पर अब जीएसटी से छूट देने का निर्णय लिया गया|अभी तक यह छूट उक्त प्लॉट में सरकार की हिस्सेदारी 50 फीसदी या उससे ज्यादा होने की दशा में मिलती थी| यह निर्णय 1 जनवरी 2020 से अनुपालन में शामिल होगा|बैठक में वार्षिक रिटर्न फार्म जीएसटीआर 9 और जीएसटीआर 9सी फार्म दाखिल करने के लिए एक महीने की मोहलत देने का फैसला भी किया गया|इस संशोधन के बाद व्यापारी 31 जनवरी 2020 तक उक्त फार्म को दाखिल कर सकते हैं|

राज्यों के साथ हुई चर्चा:

जीएसटी कलेक्‍शन के मोर्चे पर आयी कमी की चिंताओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई राज्यों के सीएम और फाइनेंस मिनिस्टर के साथ प्री-बजट पर चर्चा कीं |इस चर्चा में GST काउंसिल रेवेन्यू में हो रही कमी को दूर करने और GST सिस्टम को बेहतर बनाने पर विचार विमर्श हुआ|विदित हो कि केंद्र सरकार ने 2019-20 की अंतिम तिमाही में बचे चार महीनों में हर माह 1.1 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन का लक्ष्य रखा था|