Arthgyani
होम > न्यूज > जिओ टावर

जिओ अपने टावर को ब्रुकफील्ड को बेचेगी, 25,215 करोड़ में हुआ सौदा

ब्रुकफील्ड जिओ टावर कंपनी की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी।

रिलायंस JIO ने अपने टेलीकॉम टावर एसेट्स को बेचने का फैसला किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने सोमवार को बताया कि JIO अपने टेलीकॉम टावर एसेट्स को कैनेडियन कंपनी ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स को बेचने का फैसला किया है। यह सौदा 25,215 करोड़ रुपये में तय हुआ है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बताया कि उसकी इकाई रिलायंस इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट एंड होल्डिंग्स (आरआईआईएचएल) ने ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स और उसके सहयोगियों के बीच टावर कारोबार सौदे के लिए बाध्यकारी समझौता किया है।
न्यूज एजेंसी से मिली खबरो के अनुसार कंपनी ने बयान में कहा, ” RIIHLने ‘ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी और उसके संस्थागत साझेदारों के साथ समझौता किया है। इसके तहत ब्रुकफील्ड, टावर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की ओर से जारी यूनिट (शेयर) में 25,215 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और जिओ टावर कंपनी की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी।

सौदे के मुख्य बिंदु

  • ब्रुकफील्ड जिओ टावर कंपनी की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी।
  • ब्रुकफील्ड, टावर इंफ्रास्ट्रक्चर में 25,215 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
  • अभी जिओ के 1,30,000 टावर हैं जिसे बढाकर 175,000 किये जाने की योजना है।
  • सौदे से प्राप्त राशि का उपयोग मौजूदा वित्तीय देनदारियों को चुकाने में किया जाएगा। 
  • रिलायंस जियो इंफ्राटेल पर अभी 12,000 करोड़ रुपए का ऋण बकाया है।

भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में सबसे बड़ा एकल विदेशी निवेश

सौदा पूरा होने के बाद ब्रुकफील्‍ड और उसके अन्य साझेदारों के पास भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार टावर कंपनी में उनकी 100 फीसदी हिस्‍सेदारी होगी। टावर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ट्रस्‍ट के पास अभी 1,30,000 टावर हैं। ये रिलायंस जिओ के दूरसंचार नेटवर्क के बैकबोन हैं। इसे बढ़ाकर 175,000 टावरों तक करने की योजना है। इस सौदे के बाद रिलायंस की सहयोगी कंपनी इसकी मात्र सह-प्रायोजक होगी लेकिन उसके पास कोई हिस्सेदारी नहीं होगी। यह एक भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में सबसे बड़ा एकल विदेशी निवेश है। जिओ 30 साल के समझौते के तहत इसके टावर पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा किरायेदार है।

विदित हो कि रिलायंस जिओ इंफ्राटेल पर 12,000 करोड़ रुपए का ऋण बकाया है। ब्रुकफील्‍ड के निवेश और दीर्घ-अवधि ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग रिलायंस जिओ इंफ्राटेल प्राइवेट लिमिटेज (RJIPL) की मौजूदा वित्तीय देनदारियों को चुकाने में किया जाएगा। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि ‘हमें उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी ढांचा संपत्ति के बड़े पोर्टफोलियो को संभालने और अवसर बढ़ाने की ब्रुकफील्ड की क्षमता भरोसा है इसलिए हम ब्रुकफील्‍ड के साथ इस दीर्घावधि और रणनीतिक साझेदारी को लेकर उत्सुक हैं। यह करार साबित करता है कि विदेशी निवेशक भारत के डिजिटल क्षेत्र में निवेश करने को लेकर काफी आशावान और उत्साहित हैं ।