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जीएसटी छूट से बाहर होंगे कई उत्पाद

GST काउंसिल की बैठक 18 दिसंबर को

जीएसटी मोदी सरकार द्वारा कर व्यवस्था में किया गया बड़ा बदलाव है|जीएसटी के कलेक्शन में गिरावट से सरकार कि परेशानियां बढ़ी हैं| 18 दिसंबर को प्रस्तावित  जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्यों को मिलने वाले GST कंपेंसेशन सेस के अलावा कलेक्‍शन बढ़ाने के मुद्दे पर विचार विमर्श किया जा सकता है|इस बैठक में GST काउंसिल ने कलेक्शन बढ़ाने के प्रस्ताव एवं सुझाव आमंत्रित किये हैं| इन सुझावों में टैक्स दरों एवं टैक्स अनुपालन पर विचार आमंत्रित हैं|ये संग्रहित विचार आवश्यक निरीक्षण के लिए समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जायेंगे|

राज्यों से भी होगी चर्चा:

जीएसटी काउंसिल कि ये बैठक ऐसे समय होने जा रही है जब सरकार जीएसटी कलेक्‍शन के उम्मीद से कम रहने को लेकर चिंतित है|18 दिसंबर को होने वाली बैठक में राज्यों को मिलने वाले GST कंपेंसेशन सेस के मुद्दे पर विचार विमर्श संभावित  है|इसके लिए कुछ और प्रोडक्‍ट्स को कंपेंसेशन सेस यानी क्षतिपूर्ति उपकर के दायरे में लाने पर भी विचार हो सकता है|विदित हो कि विपक्ष शासित पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, राजस्थान और दिल्ली के वित्त मंत्री ने एक संयुक्त बयान जारी कर केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति तत्काल उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी|इन राज्यों के वित्त मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर जीएसटी मुआवजा राशि जारी करने में हो रही देरी पर चिंता जताई थी| करीब 3 महीने से राज्यों को जीएसटी का मुआवजा नहीं मिला है|बता दें कि राज्यों के राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर लिया जाता है|राज्यों का कहना है कि यह मुआवजा न मिलने से राज्य वित्तीय रूप से भारी दबाव में हैं और केंद्र सरकार ने इसकी कोई वजह भी नहीं बताई है|वर्तमान में जितना क्षतिपूर्ति उपकर संग्रह हो रहा है उससे राज्यों के राजस्व नुकसान की भरपाई होना मुश्किल दिखाई दे रहा है|

नवंबर में मिली राहत:

नवंबर में जीएसटी कलेक्‍शन एक लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार करने से केंद्र सरकार को फिलहाल कुछ राहत मिली है|नवंबर में संग्रहित कर में एक साल पहले के मुकाबले 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई|पिछले वर्ष नवंबर में 97,637 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्‍शन हुआ था|जुलाई, 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह आठवां मौका है, जब इसका मासिक कलेक्‍शन एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है|वहीं, जीएसटी लागू होने के बाद नवंबर 2019 का कलेक्‍शन अप्रैल, 2019 और मार्च, 2019 के बाद तीसरा बड़ा राजस्व संग्रह है|