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जीएसटी परिषद गठित करेगी शिकायत निवारण समितियां

गठित समितियों का कार्यकाल दो साल का होगा

व्यवसायी जनों की जीएसटी संबंधित शिकायतों को लेकर जीएसटी परिषद ने दिखाई गंभीरता|करदाताओं की समस्या के समाधान के लिए परिषद ने शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने का निर्णय किया है।ये निर्णय जीएसटी परिषद की 18 दिसंबर को आयोजित 38वीं बैठक में लिया गया था। इस निर्णय के तहत परिषद जोन एवं राज्यों के स्तर पर शिकायत निवारण समितियां गठित करेगा|

समितियों का कार्यकाल होगा दो वर्ष:

जीएसटी संग्रह में कमी से बढ़ता राजकोषीय घाटा मोदी सरकार की चिंता का सबा बना हुआ है| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार इस इस गिरावट में कमी लाने के लिए प्रयासरत हैं| उन्होंने इस विषय पर राज्यों से भी विचार विमर्श किया है|इन समस्याओं के समाधान के लिए परिषद ने बुधवार को अपने आधिकारिक बयान में जीएसटी के तहत करदाताओं की शिकायत के निवारण का एक तंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।यह तंत्र जीएसटी से जुड़े विशेष और सामान्य मुद्दों पर शिकायतों से निपटाने का काम करेगा। जीएसटी परिषद जोन और राज्य स्तर पर शिकायत निवारण समितियं (जीआरसी) गठित करेगी। इसमें केंद्र और राज्य कर अधिकारियों के साथ व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि और अन्य माल एवं सेवा कर (जीएसटी) हितधारक शामिल होंगे।विदित हो कि इन गठित समितियों का कार्यकाल दो साल का होगा|

समस्त शिकायतों का होगा निवारण:

समिति बनाने के पीछे जीएसटी परिषद की मंशा व्यवसाय करने वालों की हर प्रकार की समस्या का समाधान करना है| इसमें विशिष्ट एवं सामान्य दोनों प्रकार की शिकायतों को शामिल किया जाएगा |जिसके अंतर्गत जीएसटी से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े मुद्दे और प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें भी शामिल हैं। गठित समिति का काम करदाताओं की सभी शिकायतों और मुद्दों की जांच पड़ताल करना और उन्हें हल करना है।बता दें समिति की बैठक हर तिमाही में एक या उससे ज्यादा बार आयोजित की जा सकेगी।GST परिषद के अनुसार, ‘जीएसटी नेटवर्क ऐसी सभी शिकायतों और उनके निस्तारण को रिकॉर्ड करने के लिए एक पोर्टल विकसित करेगा।’