Arthgyani
होम > न्यूज > सर्वर ठप होने से लटके जीएसटी रिटर्न, व्यापारियों को देना होगा जुर्माना

सर्वर ठप होने से लटके जीएसटी रिटर्न, व्यापारियों को देना होगा जुर्माना

जीएसटी पोर्टल का सर्वर फेल

जीएसटी पोर्टल का सर्वर रविवार को फेल हो गया  जिस की वजह से जिले के हजारों व्यापारियों के रिटर्न लटक गए हैं।व्यापारियों को मासिक रिटर्न के लिए जुर्माना देना होगा, वहीं वार्षिक रिटर्न नहीं भर पा रहे हैं। इसके चलते व्यापारी और अधिवक्ता परेशान हैं तो वहीं विभाग की तरफ से भी इसका कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।

जिले में सात हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इन व्यापारियों द्वारा प्रतिमाह 10 तारीख तक मासिक जीएसटी रिटर्न का  पूरा ब्योरा देना होता है। इस महीने जीएसटी पोर्टल काम न करने पर ये तारीख बढ़ाकर 17 जनवरी कर दी गई थी , लेकिन सर्वर ठप होने से 17 तारीख तक भी करीब पांच हजार व्यापारी मासिक रिटर्न नहीं भर पाए। इतना ही नहीं तिमाही दाखिल होने वाले समाधान में भी पोर्टल काम न करने से 18 जनवरी आखिरी तारीख निकल गई। अब इन दोनों ही रिटर्न को दाखिल न कर पाने वाले हजारों व्यापारियों पर जुर्माना शुरू हो गया है।

जुर्माने से परेशान व्यापारी

व्यापरियों की परेशानी बना हुआ है जुर्माना क्यूंकि जुर्माना ज्यादा है। महीने मे  रिटर्न  न भर पाने से व्यापारियों को 50 रूपये हर रोज का जुर्माना देना होगा। ऊपर से 18 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। व्यापारियों की परेशानी अभी भी बरक़रार है। अभी तक सर्वर ठप पड़े हैं जिसके कारण व्यापारी अपनी रिटर्न फाइल नहीं कर पा रहे हैं।  व्यापारियों को महीने मे भरने वाले रिटर्न मे तो जुर्माना देना ही पड़ेगा।

लेकिन व्यापारी इस बात से भी चिंतित है कि 31 जनवरी को सालाना रिटर्न भरने के समय तक भी ये समस्या बरकरार रही तो उनके लिए ज्यादा मुश्किल हो जायेगी क्यूंकि सालाना रिटर्न ना भरने पर हर रोज 200 रुपये जुर्माना देना होगा। क्योंकि अब तक महीने के रिटर्न और तीन महीने के रिटर्न का समाधान ही नहीं हो पाया है तो वार्षिक रिटर्न कैसे भर पाएगा।  अगर वो रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो उनसे कुल टर्नओवर का 0.25 प्रतिशत जुर्माना वसूल किया जाएगा। 

एक झलक:

  • महीने मे  रिटर्न  न भर पाने से व्यापारियों को 50 रूपये हर रोज का जुर्माना देना होगा।
  • ऊपर से 18 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
  • व्यापारियों की परेशानी अभी भी बरक़रार है।
  • अभी तक सर्वर ठप पड़े हैं।
  • सालाना रिटर्न न भर पाने से व्यापारियों को हर रोज 200 रुपये जुर्माना देना होगा।
  • जिले में सात हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं।
  • 5 हजार व्यापारी के बाकी हैं रिटर्न
  • 17 जनवरी थी मासिक रिटर्न की अंतिम तिथि