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GDP बेजार कैसा रहेगा बाजार?

दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा 4.5 फीसदी

GDP अर्थव्यवस्था का सर्वप्रमुख पहलू है|किसी भी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का मापन GDP के अनुसार ही किया जाता है|भारतीय अर्थव्यवस्था के सन्दर्भ में देखें तो अर्थव्यवस्था भयावह दौर से गुजर रही है|आर्थिक सुस्ती एवं मांग में कमी दोनों का असर साफ़ नजर आ रहा है|RBI समेत विभिन्न रेटिंग एजेंसियों ने अपनी टिप्पणियों में  जीडीपी में गिरावट को प्रमुखता से  रेखांकित किया है|चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा 4.5 फीसदी पहुंच गया है|हर निवेशक के मन में प्रश्न है कि ये आंकड़े बाजार पर क्या प्रभाव डालेंगे ?आइये जानते हैं इन आंकड़ों से कैसे प्रभावित होगा शेयर बाजार?

बाजार अब तक :

पिछला सप्‍ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार रहा|इस दौरान बाजार ने नयी ऊंचाइयों को भी छुआ|इसके पूर्व के सप्‍ताह पहले के मुकाबले देखें तो बीते शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा  की बढ़त के साथ बंद हुए थे|बीते गुरुवार को सेंसेक्स 109.56 अंकों की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर 41,130.17 पर बंद हुआ था, जबकि सत्र के दौरान सेंसेक्स अब तक के सबसे ऊचे स्तर 41,163.79 तक जा पहुंचा था| इसी प्रकार  निफ्टी भी 53 अंकों की बढ़त के साथ 12,154.30 पर बंद हुआ, जो कि अब तक का रिकॉर्ड क्लोजिंग स्तर है|कारोबार के दौरान निफ्टी 12,158.80 के सर्वाधिक स्तर तक जा पहुंचा था|

क्या ये आंकड़े प्रभावित करेंगे?

अब बात उन आंकड़ों की जिनसे बाजार के प्रभावित होने की आशंका हर निवेशक के मन में है|चालू वित्त वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा 4.5 फीसदी पहुंच गया है| यह बीते 6 सालों का निचला स्‍तर है|आंकड़ों के अनुसार कोर इंडस्‍ट्रीज के आंकड़ों में भी सुस्‍ती का माहौल है|सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक साल पहले के मुकाबले कोर सेक्‍टर में 5.8 फीसदी की कमी आई है|बता दें कोर सेक्‍टर के 8 प्रमुख उद्योग में कोयला, क्रूड, ऑयल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी आते हैं|इनकी भारत के कुल औद्योगिक उत्पादन में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी है|शेयर बाजार के जानकारों के अनुसार आंकड़ों की वजह से देश की इकोनॉमी की वृद्धि को लेकर निवेशकों का भरोसा कम होने की आशंका है|जिसके कारण पुनः बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है|

ऑटोमोबाइल सेक्टर भी करेगा प्रभावित:

आटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री में गिरावट का प्रभाव भी शेयर बाजार को प्रभावित करेगा|दिसंबर महीने की शुरुआत के साथ ही ऑटो सेक्टर के आंकड़े आने शुरू हो गये हैं|देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कम्पनी मारुती सुजुकी के आंकड़े बिक्री में गिरावट दर्शा रहे हैं|मारुती द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कंपनी निर्मित वाहनों की बिक्री में 1.9% की गिरावट दर्ज की गयी है|ये गिरावट अन्य कंपनियों की बिक्री में भी नजर आ सकती है|जिसका एक प्रमुख कारण दिवाली का त्योहारी सीजन अक्टूबर महीने में आना भी है|दिवाली की बिक्री अक्टूबर में खत्म हो जाने के कारण भी सभी वाहन कम्पनियों में गिरावट देखी जा सकती है|काबिलेगौर है कि दिवाली अधिकांश नवम्बर महीने में होती है जिसका प्रभाव इस महीने में वाहनों की बिक्री में साफ़ नजर आता है|

कैसा रहा प्रभाव?

बीते शुक्रवार को देश की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े जारी किए गए|इन आंकड़ों से स्पष्ट है देश की विकास रफ्तार 6 साल के निचले स्‍तर पर है|बता दें शुक्रवार को जीडीपी के आंकड़े देर शाम को आने से पहले निवेशकों में एक डर का माहौल देखने को मिला जिससे बिकवाली बढ़ गई|बिकवाली ने शेयर बाजार की तेजी पर विराम लगाया|परिणामस्वरूप  सेंसेक्स 41,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे बंद हुआ| कारोबारी दिन के दौरान सेंसेक्‍स 400 अंक से अधिक टूटा तो वहीं निफ्टी में भी 150 अंक तक लुढ़क गया|वहीं कारोबार के अंत में सेंसक्स 336.36 अंकों यानी 0.82 फीसदी फिसलकर 40,793.81 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95.10 अंकों यानी 0.78 फीसदी फिसलकर 12,056.05 अंक पर रहा|