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जेट एयरवेज की होगी स्पेशल ऑडिट: आयकर विभाग

880 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों की जानकारी है

आयकर विभाग ने जेट एयरवेज के खातों की जांच कराने के लिए विशेष टीम का गठन किया है । आयकर विभाग  की जांच में इस दिवालिया हो चुकी एयरलाइन के खाते से बहुत से संदेहास्पद लेनदेन पाए गए थे। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि स्पेशल ऑडिट की जिम्मेदारी चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म शाह ऐंड टापरिया को दी गई है।

आयकर विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि , दस्तावेजों की छानबीन करने के बाद पता चला है कि 880 करोड़ रुपये से ज्यादा के टैक्स मे गड़बड़ी हुई है। आयकर विभाग को 5,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के संदेहास्पद लेनदेन दस्तावेज मिले हैं । जेट एयरवेज के लेनदेन की अच्छे से जांच कराई जायेगी। इसके लिए एक विशेष टीम की नियुक्ति कर काम सौंपा गया है

असेसिंग ऑफिसर एक असेसी के एकाउंट्स का ऑडिट एक चार्टर्ड एकाउंटेंट से करा सकते हैं। ऐसा निर्णय अकाउंट्स की जटिलता और वॉल्यूम के आधार पर लिया जा सकता है जिसमें अकाउंट्स के सही होने के बारे में संदेह हों और जब असेसी एक विशेष बिजनस ऐक्टिविटी से जुड़ा हो।’ सूत्रों ने बताया कि स्पेशल ऑडिट कराने का एक बड़ा कारण जेट एयरवेज के प्रमोटर नरेश गोयल का जांच में सहयोग नहीं करना है।

बहुत सी ट्रांजैक्शंस मे मिली गड़बड़

एक अधिकारी ने कहा, ‘गोयल ने हमेशा आयकर विभाग ऑफिसर के सवालों से बचने की कोशिश की है और जानकारी न होने का दावा किया है। उन्होंने प्रत्येक गलती के लिए पहले काम करने वाले कर्मचारियों को दोषी बताया है। उन्होंने कहा है कि वह एयरलाइन के रोजाना के कामकाज से नहीं जुड़े थे इसलिए उनको बहुत से लेनदेन के बारे मे नहीं पता है। पुराने कर्मचारियों के अब न होने से आयकर विभाग के अधिकारियों को काफी दिक्कत आ रही है दस्तावेजों और लेनदेन को समझने मे मुश्किल हो रही है।

गोयल कोई गड़बड़ी करने से लगातार मना करते रहे हैं। जेट एयरवेज की जांच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) और एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) कर रहे हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कथित टैक्स चोरी की जांच कर रहा है, SFIO की जांच कंपनी के कामकाज से जुड़ी है और ED मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को देख रहा है।ED ने गोयल के सामने 19 फर्मों के दस्तावेज रखकर पूछताछ की थी। इनमें से 14 फर्में भारत में और बाकी विदेश में रजिस्टर्ड हैं। ED ने ऐसी विदेशी एंटिटीज के विवरण भी हासिल किए हैं जिनके साथ जेट एयरवेज और इसकी ग्रुप कंपनियों के लीज और मेन्टिनेंस जैसे ऐग्रिमेंट थे।