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टैक्स की उपयोगिता और उद्देश्य क्या है

सरकारों के लिए कराधान (taxation), आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है

किसी भी सरकारों के लिए कराधान (taxation), आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। लोकतंत्र में कराधान ही सरकार की राजनीतिक गतिविधियों को स्वरूप प्रदान करता है। टैक्स, करदाता द्वारा किया जाने वाला ऐसा अनिवार्य अंशदान है जो कि सामाजिक उद्देश्य जैसे आय व संपत्ति की असमानता को कम करके उच्च रोजगार स्तर प्राप्त करने तथा आर्थिक स्थिरता व वृद्धि प्राप्त करने में सहायक होता है। कर (tax) एक ऐसा भुगतान है जो आवश्यक रुप से सरकार को उसके बनाए गए कानूनों के अनुसार दिया जाता है। इसके बदले में किसी सेवा प्राप्ति की आशा नहीं की जा सकती है।

कोई भी सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में रहने वाले लोगों और संस्थानों को जो नागरिक सेवा उपलब्ध कराती है, उन पर उसे काफी रकम खर्च करना पड़ता है। इसमें सड़क, बिजली-पानी से लेकर सुरक्षा और प्रशासन पर आने वाले खर्च शामिल हैं। किसानों और गरीब लोगों को विभिन्न सुविधा पर दी जाने वाली सब्सिडी या मदद आदि भी इन खर्च में शामिल है।

कर लोगों द्वारा किया जाने वाला अनिवार्य भुगतान है। यदि कोई व्यक्ति कर का भुगतान नहीं करता है, तो उसे कानून द्वारा दंडित किया जा सकता है। आय, संपत्ति तथा किसी वस्तु की खरीद के समय कर लगाया जाता है। कर सरकार की आय का मुख्य स्रोत है।

करारोपण के मुख्य उद्देश्य

  1. आय प्राप्त करना
  2. नियमन तथा नियन्त्रण करना
  3. साधनों का आबंटन
  4. असमानता को कम करना
  5. आर्थिक विकास
  6. कीमत वृद्धि पर नियन्त्रण

करों को दो भागों में बांटा गया है

1. प्रत्यक्ष कर(Direct Tax) : प्रत्यक्ष कर ऐसे कर हैं जो विधिगत रूप से जिस पर लगाए जाते हैं उसे ही इसका भुगतान करना पड़ता है। जैसेः आय कर।
2. परोक्ष कर : परोक्ष कर या अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) एक व्यक्ति पर लगाए जाते हैं जबकि ये पूर्णतः या आंशिक रूप से दूसरे व्यक्ति द्वारा दिए जाते हैं। जैसे – बिक्री कर, सीमा शुल्क परोक्ष कर हैं क्योंकि इनका भार व्यापारी से उपभोक्ता को स्थानांतरिक होता है।