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टोल टैक्स क्या है?/ यातायात के नियम

यातायात कर / टोल टैक्स, सड़को और राजमार्गो पर लगाया जाता है

टोल टैक्स : सड़कें तथा राजमार्ग किसी भी देश की संपत्ति होती है। अतः इनका रखरखाव भी देश की अन्य संपत्ति  जितना ही महत्वपूर्ण है। देश की अन्य सम्पत्तियों की तरह, सड़को, राजमार्गो  को बनाने और संभाले रखने में अधिकतम  धनराशि की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि इन्ही सड़को के माध्यम से लोग एक शहर से दूसरे शहर या एक नगर से दूसरे नगर आसानी ने आ जा सकते हैं। इसके साथ साथ राजमार्गो  पे होने वाली चोरी- डकैती से बचने के लिए एक प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था भी अनिवार्य हो जाता है , जिसके लिए भी सरकार को पैसे की ज़रुरत होती है।  

ऐसे में सरकार, सड़को  तथा राजमार्गो  से जुड़ी  इन सभी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए यात्रियों से सड़क कर / रोड टैक्स (Road Tax) वसूलती है , ये सड़क कर / रोड टैक्स (Road Tax) भी कई तरह के होते है जिनका विभाजन राज्यों के अंतर्गत होता है, उन सब में से सबसे सामान्य कर, यातायात कर / टोल टैक्स ( Toll Tax ) कहलाता है।

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यातायात कर / टोल टैक्स, सड़को और राजमार्गो  के अलावा, शहरों में अधिकतम इस्तेमाल होने वाले चौक (Plaza) पर भी लगाया जाता है, यह कर अन्य किसी भी कर की तरह ही अनिवार्य है।  हर राज्य , क्षेत्र में इसका दर अलग होता है और VIP तथा कुछ मुख्य अधिकारियों को छोड़कर  हर वो  नागरिक जो सड़को या राजमार्गो का इस्तेमाल करता है, उसे ये कर चुकाना पड़ता है।  राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क की नीतियों के अंतर्गत यातायात कर / टोल टैक्स ( Toll Tax) के दर में हर साल बदलाव किया जाता है और हर वर्ष १ अप्रैल को इससे जुड़े नए नियम और दर लागू किए जाते हैं। 
यातायात कर / टोल टैक्स इकठ्ठा करने की निति, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम (National Highways Act), १९५६ साथ ही साथ राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (National Highways Fee) के नियमों के आधार पर बनाई गई है। २०१६ के आंकड़ों के हिसाब से भारत के राष्ट्रीय राजमार्गो में अब तक ३९० टैक्स संग्रह शुल्क चौक (Plaza) मौजूद है। वर्तमान निति के अनुसार हर वो सड़क जिसमे ६ गालियां हो, और जहाँ ४ गालियां इस्तेमाल की जा रही हो, वह यातायात कर भरने के लिए बाध्य है, फिर चाहे वह राजमार्ग पूरी तरह बना हो या ना बना हो।

टोल टैक्स के नियम 2020 क्या हैं? Toll Rules in India

  • पीक आवर्स (Pick Hours) में कतार में 6 वाहन प्रति लेन से अधिक नहीं।
  • टोल लेन (Toll Lane)/ बूथों की संख्या इस प्रकार होगी कि पीक आवर फ्लो पर प्रति वाहन 10 सेकंड से अधिक का सेवा समय सुनिश्चित न हो।
  • यदि उपयोगकर्ताओं का अधिकतम प्रतीक्षा समय 3 मिनट से अधिक है, तो टोल लेन की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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टोल टैक्स छूट सूची

कोई भी वाहन जिसमें निम्नलिखित लोग हैं, को पूरे भारत में टोल टैक्स से छूट दी जाएगी:

  • भारत के राष्ट्रपति
  • भारत के प्रधान मंत्री
  • भारत के उपराष्ट्रपति
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश
  • भारत के किसी राज्य का राज्यपाल
  • लोक सभा के अध्यक्ष
  • संघ के कैबिनेट मंत्री
  • सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  • भारत के किसी राज्य का राज्यपाल
  • संघ के राज्य मंत्री
  • संसद के सदस्य
  • भारत में किसी भी केंद्र शासित प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर
  • चीफ ऑफ स्टाफ एक पूर्ण सामान्य या समकक्ष रैंक रखता है
  • किसी राज्य की विधान परिषद के अध्यक्ष
  • भारत के किसी राज्य की विधान सभा के अध्यक्ष
  • एक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
  • एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  • आर्मी कमांडर या वाइस-चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और अन्य सेवाओं में समकक्ष
  • राजकीय यात्रा पर विदेशी गणमान्य
  • संबंधित राज्य के भीतर एक राज्य सरकार के मुख्य सचिव
  • भारत सरकार के सचिव
  • सचिव, राज्यों की परिषद
  • सचिव, लोक सभा
  • राज्य परिसर में एक राज्य की विधान सभा का एक सदस्य, पहचान प्रमाण के साथ
  • पहचान प्रमाण के साथ अपने संबंधित राज्य की सीमाओं में विधान परिषद का सदस्य
  • पर्याप्त पहचान प्रमाण के साथ निम्नलिखित मान्यता के पुरस्कार:
    • परमवीर चक्र, अशोक चक्र
    • महा वीर चक्र, कीर्ति चक्र
    • वीर चक्र
    • शौर्य चक्र