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डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स हुआ खत्म, MNCs की हुई चांदी ही चांदी

टॉप 25 बहुराष्ट्रीय कंपनियों 2,800 करोड़ रुपये का फायदा होने वाला है।

इस बार वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा 1 फ़रवरी को पेश हुए बजट 2020 में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स(DDT) खत्म किए जाने का फैसला किया गया है। इस फैसले से कई  डिविडेंट देने वाली बड़ी MNCs को भारी बचत होने जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक, डिविडेंड देने वाली टॉप 25 बहुराष्ट्रीय कंपनियों 2,800 करोड़ रुपये का फायदा होने वाला है। अब यह रकम शेयरहोल्डर्स की इनकम में जुड़ जाएगी, जिनपर स्लैब के आधार पर टैक्स लगेगा।

टॉप मोस्ट कम्पनियां शामिल 

इकॉनोमिक टाइम्स के अनुसार विशेषज्ञों का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल ये कम्पनियां घरेलू और विदेशी निवेशकों को डिविडेंड भुगतान बढ़ाने या प्रमुख विदेशी कंपनियों को ट्रांसफर करने के लिए कर सकती हैं। पिछले वित्त वर्ष में घरेलू बाजार पर लिस्टेड इन टॉप-25 एमएनसी ने कुल 17,765 करोड़ रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया था, जिसपर 17 पर्सेंट के रेट से कंपनियों को 3,008 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया था और निवेशकों को नेट 14,756.6 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला था।

टॉप-25 MNCs की इस लिस्ट में हिंदुस्तान युनिलीवर, नेस्ल इंडिया, मारुति सुजुकी और कोलगेट पामोलिव जैसे बड़े नाम शामिल हैं। डिविडेंड देने वाली MNCs में हिंदुस्तान युनिलीवर सबसे आगे है, जिसने 5,719 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। इसके बाद मारुति सुजुकी (2,913.4 करोड़ रुपये) और नेस्ले (1,313.4 करोड़ रुपये) क्रमशः दूसरे  और तीसरे नम्बर पर है।

NRI निवेशकों को सीधे तौर पर फायदा

अप्रवासी निवेशकों को डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स ख़त्म होने का सीधे तौर पर फायदा मिलने वाला है क्योंकि अब वे टैक्स समझौते के प्रावधानों का सहारा ले सकते हैं, जिसमें दरें कम हैं। हालांकि, इसके लिए सभी शर्तों का पूरा होना जरूरी है।’

केपीएमजी इंडिया के पार्टनर और वित्त सेवा के टैक्स प्रमुख सुनील बडाला ने कहा  “कुछ कंपनियां भारत में चुकाए गए टैक्स पर अपने देश में भी क्रेडिट क्लेम कर सकती हैं।” विदित हो कि मॉरिशस समझौते के अनुसार, भारतीय कंपनी में 10 पर्सेंट से ज्यादा की हिस्सेदारी पर 5 पर्सेंट की छूट मिलती है। ऐसे ही कुछ अन्य देशो के साथ भी ऐसी कुछ नियम व शर्तें हैं जिसके कारण NRI निवेशकों को सीधे तौर पर फायेदा पहुंचेगा।