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डीएचएफएल पर आरबीआई की कड़ी कार्रवाई

दिवालियेपन की प्रक्रिया होगी शुरू

कर्ज के बोझ तले दबी आवास वित्त कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) के खिलाफ आरबीआई की कड़ी कार्रवाई|भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कंपनी के निदेशक मंडल को बर्खास्त कर दिया।DHFL के निदेशक मंडल को बर्खास्त करने के साथ ही RBI ने नया प्रशासक भी नियुक्त कर दिया है| केंद्रीय बैंक जल्‍द ही डीएचएफएल के विरुद्ध दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश भी करेगा|

डीएचएफएल के खिलाफ समाधान प्रक्रिया शुरू होगी 

आरबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार,डीएचएफएल के खिलाफ यह कार्रवाई संचालन में गड़बड़ी और भुगतान बाध्यताओं में चूक करने की वजह से की गई है। आरबीआई ने कहा कि वधावन परिवार के नियंत्रण वाली इस कंपनी के कामकाज को देखने के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी आर सुब्रमणयन कुमार को प्रशासक नियुक्त किया गया है।रिजर्व बैंक जल्द ही ऋणशोधन अक्षमता एवं परिसमापन प्रक्रिया (वित्तीय सेवा प्रदाता एवं निर्णायक प्राधिकरण को आवेदन) नियम, 2019 के तहत डीएचएफएल के खिलाफ समाधान प्रक्रिया शुरू करेगा। बैंकिंग नियामक डीएचएफएल के नवनियुक्त प्रशासक को ऋणशोधन समाधान पेशेवर के तौर पर नियुक्त किए जाने को लेकर राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) से भी संपर्क करेगा। दिवालिया प्रक्रिया के दौरान नियामक प्रशासक को कंपनी के परिचालन में सलाह देने के लिए एक सलाहकार समिति नियुक्त कर सकता है जिसमें कम से कम 3 विशेषज्ञ शामिल होंगे।

रिजर्व बैंक कानून, 1934 की धारा के तहत हुई कार्रवाई:

केंद्रीय बैंक ने अपनी अधिसूचना में कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक कानून, 1934 की धारा 45-आईई (1) का उपयोग करते हुए दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक बोर्ड को भंग किया जाता है और एक प्रशासक की नियुक्‍ति की जाती है|आरबीआई ने बताया कि डीएचएफएल द्वारा कई प्रशासनिक गड़बडि़यां करने और कई भुगतान देनदारियों में चूक करने की वजह से निदेशक मंडल को भंग करने का यह निर्णय लिया गया है| प्रशासक की नियुक्ति रिजर्व बैंक कानून की धारा 45-आईई(2) के तहत की गयी है| बता दें कि पिछले बजट में सरकार ने आरबीआई को ये शक्तियां दे दी थीं कि वह प्रशासक नियुक्त कर सकता है|

कंपनी पर 85 हजार करोड़ रुपये का कर्ज

डीएचएफएल के पास सिर्फ बैंकों की ही 38 हज़ार करोड़ की उधारी है|जबकि कंपनी की कुल देनदारी  85 हज़ार करोड़ रूपये है| देश की चौथी सबसे बड़ी आवासीय वित्त कंपनी की स्थिति को देखते हुए  मार्केट रेगुलेटर सेबी ने लिस्टेड कंपनियों के डिस्क्लोजर नियमों को सख्त किया है। सेबी के नियमों के मुताबिक, किसी भी तरह का लोन डिफॉल्ट करने पर लिस्टेड कंपनी को 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद 24 घंटे के अंदर सेबी कों इसकी सूचना देनी होगी। सेबी प्रमुख अजय त्यागी ने कहा कि लोन डिफॉल्ट के बारे में जानकारी सही समय पर न मिलने से इन्वेस्टर्स को परेशानी होती है।वर्तमान में dhfl में एक लाख जमाकर्ताओं का फिक्सड डिपाजिट खतरे में है|सेबी (SEBI) यह नियम 1 जनवरी, 2020 से लागू करेगी|