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तो बंद हो जाएगा e-way बिल जनरेट होना..

लग सकता है 5000 का जुर्माना

जीएसटी संग्रह में कमी से बढ़ता राजकोषीय घाटा मोदी सरकार की चिंता का सबब बन गया है| केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए सरकार ने  जीएसटी रिटर्न पर लगातार कड़े निर्णय लिए हैं। विगत सप्ताह दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउन्सिल की बैठक हुई|वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जीएसटी काउंसिल ने e-way bill (ई-वे बिल) बंद करने जैसा निर्णय भी लिया गया है|

जीएसटीआर-3बी नहीं भरना पड़ेगा महँगा:

ये खबर उन व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण है जो समय से निर्धारित जीएसटी शुल्क का भुगतान नहीं करते| वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक में ये निर्णय लिया है कि जो कंपनियां लगातार दो महीने 3-बी रिटर्न फाइल नहीं करेंगी, उनका ई-वे बिल जनरेट होना बंद हो जाएगा। इससे डीलर स्थानीय के साथ ही बाहर भी बिक्री के लिए सामान नहीं भेज पाएंगे। बता दें कि हर व्यापारिक उत्पाद बाहर भेजने के लिए  ई-वे बिल आवश्यक होता है|

लग सकता है 5000 का जुर्माना:

बैठक में जीएसटीआर-1 को लेकर भी कड़ा निर्णय लिया गया है। काउंसिल की बैठक में तय किया गया कि यदि समय पर जीएसटीआर-1 नहीं जमा किया गया तो डीलर से लेट फीस ली जाएगी। यदि डीलर पहली बार गलती से रिटर्न फाइल नहीं कर पाया तो विभाग लेट फीस माफ कर देगा। डीलर की ओर से लगातार दो बार रिटर्न फाइल नहीं करने पर पेनाल्टी के रूप में लेट फीस के साथ ही डीलर का ई-वे बिल एकाउंट ब्लॉक हो जाएगा। काउंसिल का यह फैसला चंडीगढ़ समेत पूरे भारत में लागू किया जाएगा। बता दें कि लेट फीस के साथ ही जीएसटीआर-1 में फाइन का भी प्रावधान किया गया है। यह फाइन विभाग की ओर से 5000 रुपये तक लगाया जा सकता है।