Arthgyani
होम > न्यूज > निवेश के विकल्प

दिवाली है विशेष कीजिये निवेश:

दिवाली लक्ष्मी पूजन का पर्व है

दिवाली भारत का एक विशिष्ट पर्व है|इसे प्रकाश पर्व भी कहा जाता है|इस पर्व का प्रभाव घर से बाजारों तक हर तरफ देखा जा सकता है|बाजारों में बड़ी संख्या में ग्राहकों का हुजूम उमड़ पड़ता है|विभिन्न कम्पनियाँ इस अवसर पर बहुत सारे ऑफर भी लाती हैं|इस चकाचौंध में कई बार ग्राहक गैर जरूरी चीजें भी खरीदते हैं|इस तरह कि गैरजरूरी खरीददारी दिवाली की मूल भावना के विपरीत है|दिवाली लक्ष्मी पूजन का पर्व है|दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग जैसी परम्परा दर्शाती है कि ये अपव्यय का नहीं बल्कि निवेश का पर्व है|आज जानते हैं निवेश के कुछ बेहतर विकल्प|

निश्चित समय अवधि का निवेश:

हर निवेशक कि निवेश से सम्बंधित अलग अलग वरियता होती है|कुछ निवेश दीर्घ तो कुछ अल्पकाल के लिए निवेश को लेकर इच्छुक होते हैं|अगर आप अल्प अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो शार्ट टर्म डेट फंड,सावधि जमा या रेकरिंग एकाउंट जैसे विकल्प को चुन सकते हैं|

म्युचुअल फंड:

म्युचुअल फंड सर्वाधिक प्रचलित निवेश का विकल्प है|बड़ी रकम के साथ ही साथ आप sip के माध्यम से छोटी रकम के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं|आपका निवेश अवधि के अनुसार आपको उपयुक्त रिटर्न देगा|

पी पी एफ है सुरक्षित विकल्प:

अगर आप चाहते हैं निवेश का सुरक्षित विकल्प तो पी पी एफ भी है बेहतर विकल्प|ये खाता पोस्ट ऑफिस एवं बैंक कि चुनिन्दा शाखाओं में खुलवाया जा सकता है|पी पी एफ खाता सिर्फ 100 रूपये में खुलता है|इसमें निवेश अवधि है 15 वर्ष जिस पर प्राप्त ब्याज करमुक्त होता है|

मंथली इनकम स्कीम:

पोस्ट ऑफिस कि मंथली इनकम स्कीम मासिक आय की सुविधा देती है|इसके अंतर्गत 7.6 प्रतिशत का ब्याज मिलता है|

सोने में करें निवेश:

सोना भारत के पारम्परिक निवेशक में शामिल है|अक्षय तृतीया एवं धनतेरस जैसे पर्वों पर सोना खरीदने की पुरानी परम्परा है|सोना बचत एवं निवेश का सबसे अच्छा माध्यम है|

उपरोक्त आधारों पर देखें तो निवेश हमे सुरक्षित भविष्य का आश्वासन भी देता है|दीपावली लक्ष्मी पूजन का पर्व है अतः निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है|दिवाली पर अपव्यय नहीं उचित निवेश का संकल्प लें|