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देश की बीयर इंडस्ट्री के लिए साल 2019 सबसे बेहतर रहा

बीते साल में बीयर मार्केट की 6.9 पर्सेंट ग्रोथ दर्ज़ हुई जो तीन सालों में सबसे ज़्यादा रही।

आर्थिक मंदी के बावजूद देश की बीयर इंडस्ट्री के लिए साल 2019 बेहतर रहा। बीते कैलेंडर ईयर में बीयर मार्केट की 6.9 पर्सेंट ग्रोथ हुई है । साल 2019 में देश में बीयर की बिक्री बढ़कर तीन साल के पीक पर पहुंच गई।

ब्रिटेन की रिसर्च फर्म ग्लोबलडेटा के अनुसार, पिछले साल बीयर मार्केट की 6.9 फीसदी ग्रोथ हुई। साल 2018 में यह आंकड़ा 5.7 पर्सेंट पर था। आमतौर पर अप्रैल-जून तिमाही में बीयर की सलाना बिक्री लगभग 45 फीसदी हिस्सेदारी होती है। पिछले साल गर्मी के महीनों में और आईपीएल के दौरान बीयर की मांग बढ़ी थी। बिक्री में हुई 1.2 पर्सेंट की बढ़त के बावजूद कंपनियों का कहना है कि पिछला साल चुनौतियों से भरा रहा। टैक्स बढ़ने और कई राज्यों में शराब पर रोक लगने के कारण ग्रोथ में कमी आई है।

बीयर इंडस्ट्री की मुख्य ख़बर

  • देश की बीयर इंडस्ट्री के लिए साल 2019 बेहतर रहा।
  • गर्मी वाले महीनों और इंडियन प्रीमियम लीग (IPL) के दौरान बीयर की मांग खासी बढ़ती है।
  • सालाना बिक्री में आम तौर पर अप्रैल-जून तिमाही की लगभग 45 पर्सेंट हिस्सेदारी होती है।
  • आंध्र प्रदेश ने हाल में एक नई बार पॉलिसी पेश की है।
  • नई बार पॉलिसी के तहत पुराने बार लाइसेंस को रद्द कर जनवरी 2020 से नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
  • आंध्र प्रदेश में बार की संख्या भी 40 पर्सेंट घटाई जाएगी।
  • आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना ने दिसंबर 2019 के मध्य से शराब के दाम बढ़ाए हैं।
  • बीयर इंडस्ट्री के लिए 2020 भी चुनौतियों वाला साल होगा।

इकॉनोमिक टाइम्स से ली ख़बरों के मुताबिक, बडवाइजर और कोरोना बेचने वाली AB इनबेव के प्रेजिडेंट (दक्षिण एशिया) कार्तिकेय शर्मा ने बताया, ‘देश की बीयर इंडस्ट्री के लिए साल 2019 बेहतर रहा। खास तौर पर पहली छमाही पॉजिटिव रही। हालांकि चुनाव के चलते अप्रैल में बिक्री कम रही। आंध्र में शराब पर पाबंदी और लंबे समय तक बारिश होने के कारण दूसरी छमाही चुनौतियों वाली रही।

विदित हो कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल जैसे महत्वपूर्ण बाजारों में शराब पर रोक है। आंध्र प्रदेश ने हाल में एक नई बार पॉलिसी पेश की है जिसमे पुराने बार लाइसेंस को रद्द कर नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे तथा राज्य में बार की संख्या भी 40 पर्सेंट घटाई जाएगी। जनवरी 2020 से लाइसेंस जारी करने का काम शुरू हो चुका है। आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना ने दिसंबर 2019 के मध्य से शराब के दाम बढ़ाए हैं।

कैपिटल के हिमांशु शाह ने अपने एक इन्वेस्टर नोट में कहा कि  ‘वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में हुई बीयर की बिक्री नोटबंदी और हाइवे पर लिकर बैन होने के बाद अब तक की सबसे खराब रहने का अनुमान है।’ वहीँ  यूनाइटेड ब्रुअरीज का भी कहना है इंडस्ट्री के लिए 2020 भी चुनौतियों वाला साल होगा। UB के मैनेजिंग डायरेक्टर शेखर राममूर्ति ने बताया,  इस साल की पहली तिमाही में ग्रोथ हो सकती है क्योंकि पिछले साल की इसी तिमाही पर चुनाव का नकारात्मक असर रहा था। ज्ञात हो कि UB  किंगफिशर जैसे ब्रैंड्स के जरिए लगभग आधे मार्केट पर मजबूत पकड़ रखती है।